नगर में चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने में फिसड्डी साबित हो रही नौतनवां पुलिस

 नगर में चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने में फिसड्डी साबित हो रही नौतनवां पुलिस

(स्वतंत्र प्रभात)

नौतनवां/महराजगंज

 थाना नौतनवां अंर्तगत नगर पालिका परिषद नौतनवां में इस समय चोरो की निशाने पर है जिससे नगरवासी चोरो के आतंक से आतंकित है आये दिन नगर में चोरी की घटना बढ़ती ही जा रही है । और पुलिश एक भी चोरी के मामले का पर्दाफाश करने में फिसड्डी साबित हो रही है

नौतनवां नगर में चोरी की घटनाओ से आतंक मचाने वाले चोरो तक पहुंचने में पुलिश की सांस फूल रही है। शुक्रवार की सुबह नौतनवा कस्बे के जानकी नगर मोहल्ले में स्थित एक घर के सीढी का फाटक तोड़कर चोरों ने तीन कमरो में रखा संदूक, अलमारी तोड़कर लाखों के जेवर कपड़े चुराकर चंपत होने की खबर है।

बताया गया है कि जिस घर में चोरी हुई है उसका गृह स्वामी कन्हैया वर्मा अपने परिवार के साथ इलाज के लिए लखनऊ गया हुआ था। आज सुबह आया तो देखा कि घर का दरवाजा खुला हुआ है अंदर का सामान बिखरा पड़ा है। घर के कुछ सदस्य बाहर हैं। जिन्हें सूचना दे दी गई है उनके आने के बाद पता चल पाएगा कि वास्तव में कितने की चोरी हुई है। चोरी की खबर मिलते ही चौकी प्रभारी नौतनवा दल बल के साथ मौके पर पहुंच गए और जांच-पड़ताल में जुट गए हैं।

बता दे कि इन घटनाओं से ऐसा प्रतीत होता है कि इस समय चोरों ने नौतनवा कस्बे में डेरा डाल दिया है और आए दिन कहीं ना कहीं चोरी की घटना को अंजाम देकर अपने चुस्ती को प्रदर्शित कर रहे हैं। घटना के बाद पुलिस मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल कर अपने कर्तव्यों की इतिश्री समझ रही है।

अभी पिछले महीने ही मुख्य मार्ग के अस्पताल चौराहे के पास तीन दुकानों में चोरों ने हाथ साफ किया था। अब तो भगवान भरोसे है लोगों की सुरक्षा पुलिस का धेय वाक्य है अपराधियों में भय और आमजन में विश्वास, लेकिन इन दिनों पुलिस का यह धेय वाक्य पूरी तरह उलटा साबित हो रहा है।

आमजन भयभीत है और अपराधी पूरी तरह निरंकुश। ऐसे में नौतनवां में आये  दिन कोई न कोई या कई लोग चोरों का शिकार हो रहे हैं। चोर बेधड़क बेखौफ लोगों की जीवन भर की कमाई को साफ कर रहे हैं । खास कर नौतनवां नगर में  पूरी तरह निरंकुश हो चुकी चोरी की वारदातों के बारे में पुलिस से जानकारी करने पर जवाब मिल रहा है,

जांच की जा रही है और कुछ दिन बाद मामला ठंडे बस्ते में जैसे समा जाता हो दूसरी तरफ जिनकी बर्बादी की कहानी चोर लिख रहे हैं, उनका कोई धणीधोरी ही नहीं है। आखिर वे जाए तो कहां, फरियाद करें तो किससे, अपना लुटा माल वापस लाएं तो कहां से। आखिर ले देकर हर आदमी की नजर एक ही तरफ उठती है, पुलिस और उसके बाद जनप्रतिनिधि।

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