जौरहा नदी चीनी मिल से निकले जहरीले पानी से हुई प्रदूषित, जलीय जन्तुओ की हो रही मौत

जौरहा नदी चीनी मिल से निकले जहरीले पानी से हुई प्रदूषित, जलीय जन्तुओ की हो रही मौत

जौरहा नदी चीनी मिल से निकले जहरीले पानी से हुई प्रदूषित, जलीय जन्तुओ की हो रही मौत
योगेश मिश्रा
स्वतंत्र प्रभात
निघासन-खीरी। सरजू सहकारी चीनी मिल से निकले गन्दे नाले के केमिकल युक्त जहरीले पानी की फैली बदबू से अनगिनत बीमारियां ले रही जन्म जौरहा नदी की मर रही मछलियां तथा नदी में रह रहे वन्यजीव मगरमच्छों की जान को बना खतरा। इस मामले को देखकर वन विभाग आया हरकत में कहा होगी जांच। ग्रामीणों की मांग है कि मिल प्रशासन मिल से निकलने वाले गन्दे पानी को फिल्टर करने के बाद ही नदी में बहाये और बन्द पक्के नाले का निर्माण कराये।

पीएम व सीएम की स्वच्छ भारत अभियान में रोड़ा बन रहा चीनी मिल बेलरायां का प्रशासनिक अमला। पर्यावरण विभाग तथा मिल प्रशासन की उदासीनता के कारण जहाँ क्षेत्र के लोग भयंकर बीमारियों की चपेट में आकर मौत के गाल में समा रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ जौरहा नदी में अनगिनत जलीय जीवजंतुओं के साथ-2 मछलियां भी मर रही हैं।लेकिन मिल प्रशासन इस तरफ बिल्कुल भी ध्यान नही दे रहा है।ग्रामीणों की मांग को अनदेखा कर प्रदेश व केंद्र सरकार की स्वच्छ भारत निर्माण को खुली चुनौती दे रहा है।
पर्यावरण विभाग व मिल प्रशासन से क्षेत्र के ग्रामीणों की समस्या से निजात पाने के लिए कई वर्षों से मांग चली आ रही है लेकिन किसी के कानों पर जूं तक नही रेंग रही है। जिससे नाराज क्षेत्र के लोगों ने मिल के संचालक कुलदीप सिंह से मिल में हो रही एजीएम मीटिंग में नाले से फैलने वाले प्रदूषण के बारे में अवगत कराने की मांग की थी। संचालक कुलदीप सिंह ने एजीएम की अध्यक्षता कर रहे मिल के अध्यक्ष जिलाधिकारी शैलेन्द्र सिहँ के समक्ष ग्रामीणों की समस्याओं से अवगत कराते हुए नाले का पक्का निर्माण कराने व नाले के पानी को फिल्टर करने के बाद ही बाहर निकालने की मांग की थी। चीनी मिल चलने में अब कुछ ही दिन बाकी बचे हैं लेकिन मिल प्रशासन ने अभी नाला बनाने की कोई सुध नहीं ली है जिसे पूरे इलाके में ग्रामीणों में आक्रोश की झलक साफ देखी जा रही है। समाजसेवी विजय वर्मा ने बताया कि पर्यावरण विभाग ग्रामीणों की मांग का संज्ञान नही लेता है और मिल प्रशासन पक्के नाले का निर्माण नही कराता है तो बहुत जल्द ग्रामीणों का एक दल प्रदेश के मुख्यमंत्री योगीआदित्यनाथ से मिल क्षेत्र में फैल रही महामारी से अवगत कराते हुए पर्यावरण तथा मिल प्रशासन की उदासीनता से अवगत कराते हुए दोनों विभागों की जांच की मांग करेगा।

नाले से उफनाकर गन्दा पानी बाहर निकलने से हर वर्ष फसलों का काफी नुकसान भी होता है।
मच्छरों की भरमार से मलेरिया जैसी क्षेत्र में महामारी फैलती है।
इस सम्बंध में डीएफओ दुधवा टाइगर बफर जोन अनिल कुमार पटेल ने बताया कि जानकारी मिली है। मिल का जहरीला पानी जौरहा नदी में गिराया जाता है।जिससे जलीय जीवजंतुओं के साथ-2 मगरमच्छों की जान का भी खतरा हो सकता है जांच कराकर कार्यवाही की जाएगी।

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