ऑनलाइन शॉपिंग से खुदरा व्यापार को हो रहा नुकसान : व्यापार मण्डल

ऑनलाइन शॉपिंग से खुदरा व्यापार को हो रहा नुकसान : व्यापार मण्डल

ऑनलाइन शॉपिंग से खुदरा व्यापार को हो रहा नुकसान : व्यापार मण्डल


व्यापारियों ने एकजुट होकर ऑनलाइन शॉपिंग को बंद करने की उठायी मांग


ललितपुर।

जिला उद्योग व्यापार मंडल ने प्रांतीय आह्वान पर खुदरा व्यापार को बचाने हेतु ऑनलाइन ट्रेडिंग पर पाबंदी लगाने ब जीएसटी मैं उत्पन्न विभिन्न समस्याओं के समाधान हेतु दो अलग अलग ज्ञापन माननीय प्रधानमंत्री एवं माननीय वित्त मंत्री को संबोधित उप जिला अधिकारी घनश्याम वर्मा को सोपे पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत जिला उद्योग व्यापार मंडल के पदाधिकारी व व्यापारी सुबह 11:00 बजे  परमानंद मूर्ति स्थल तुरंत चौराहा पर एकत्रित हुए

बा वहां से नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे वहां पर उप जिला अधिकारी महोदय को ज्ञापन सौंपते हुए जिला अध्यक्ष सुरेश बड़ेरा बताया भारतीय जनता पार्टी की नीतियां सदैव स्वदेशी के समर्थन में कार्य करती रही है लेकिन ऑनलाइन ट्रेडिंग के व्यापार में मध्यम एवं लघु उद्यमियों व्यापारियों को हो रहे नुकसान को नजरअंदाज ऑनलाइन ट्रेडिंग को नहीं रोका जा रहा है जिसके चलते भारतवर्ष की करोड़ों खुदरा व्यापारियों फुटपाथ गरीब मजदूर तबके के छोटे व्यापारियों को भारी संकट का सामना करना पड़ रहा है लगभग 40त्न व्यापार समाप्त हो चुका है अगर शीघ्र ही केंद्र सरकार ऑनलाइन व्यापार में प्रतिबंध नहीं लगाती है

तो खुदरा व्यापार पूरी तरह से नेस्तनाबूद हो जाएगा विदेशी कंपनियां अपनी अकूत दौलत के दम पर भारतवर्ष के खुदरा व्यापार पर कब्जा करना चाहती हैं जो देश की अर्थव्यवस्था के लिए घातक है देश की लगभग आधी आबादी प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से खुदरा व्यापार से जुड़ी है

वह रोजी-रोटी के संकट में आ जाएगी भारतवर्ष के करोड़ों व्यापारियों के हित में जिला उद्योग व्यापार मंडल मांग करता है कि ऑनलाइन ट्रेडिंग पर तत्काल पाबंदी लगाई जाए इस अवसर पर जिला महामंत्री प्रदीप सतर वास ने माननीय अरुण जेटली को संबोधित पत्र पढक़र सुनाया इसमें मांग की गई जीएसटी में खामियों पर केंद्र सरकार ने व्यापारियों द्वारा रखी गई जटिल समस्याओं का समाधान किया है

इसके लिए हम केंद्र सरकार का आभार व्यक्त करते हैं साथ ही जीएसटी में आ गई अभी कई खामियां बाकी है जिसके लिए समाधान हेतु मांग पत्र भेज रहे हैं जिसमें प्रमुख रूप से जीएसटी में जेल के प्रावधान को पूरी तरह समाप्त किया जाए  जुर्माने की दर किसी भी हालत में ₹10000 से ज्यादा ना हो मंडी शुल्क एवं वन विभाग टैक्स माफ किए जाएं प्लास्टिक फर्नीचर कपड़ा धोने का साबुन एवं आवश्यक वस्तुओं पर जीएसटी की दर केवल 5त्न रखी जाए जीएसटी में 28त्न की दर पूर्णता समाप्त की जाए जीएसटी में 12 एवं 18त्न की दर समाप्त कर केवल 15त्न की दर रखी जाए भारतवर्ष के अंदर जीएसटी में रजिस्टर्ड व्यापारियों को 1000000 रुपए दुर्घटना बीमा कराया जाए व्यापारी टैक्स कलेक्टर के रूप में कार्य करता है

उसे पेंशन देने का कानून बनाया जाए जीएसटी में सर्वे छापों में पूरी तरह अंकुश लगाया जाए जीएसटी में सचल दल द्वारा माल पकडे जाने पर पूर्व की भांति व्यापारी के नगर में ही अपील करने की व्यवस्था हो जिन व्यापारियों का विभाग में रिफंड बाकी है उन्हें विभाग के कर्मचारी अत्यधिक परेशान कर रहे हैं और व्यापारियों का रिफंड वापस नहीं मिल पा रहा है अत: रिफंड करने की सरल व्यवस्था लागू की जाए अपंजीकृत खुदरा व्यापारियों को जीएसटी में माल खरीदने मैं आने वाली परेशानियों को हटाकर सरल सुविधा उपलब्ध कराई जाए

जीएसटी में पंजीकृत समस्त व्यापारियों का 500000 का जीवन बीमा किया जाए आयुष्मान योजना के अंतर्गत ढाई लाख रुपए से कम वार्षिक आय वाले खुदरा व्यापारियों फुटपाती खोका दुकानदार गलियों मोहल्लों के व्यापारी मोची नाई हाथ ठेला वालों को शामिल किया जाए आशा एवं विश्वास है केंद्र सरकार उपरोक्त समस्याओं का समाधान तत्काल करके देश की व्यापारी समाज को राहत प्रदान करेगी।  

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