नहरें सूखी, किसानों के सामने बुवाई का संकट

नहरें सूखी, किसानों के सामने बुवाई का संकट

नरेश गुप्ता सुधीर मिश्रा की रिपोर्ट

नहरें सूखी, किसानों के सामने बुवाई का संकट

पहला  (सीतापुर )

नहरों मे पानी न आने से किसानों के सामने संकट खड़ा हो गया है । गेंहू की बुवाई के लिए किसान पानी की बाट जोह रहे है ।

 
एक तरफ प्रदेश मे योगी सरकार व केंद्र मे मोदी सरकार किसानों की आय दुगना करने की बात करती है तो दूसरी तरफ जिम्मेदारों की लापरवाही से नहरें सूखी पङी है । इलाके की बिसवा रजबहा नहर मे पानी न आने से गेंहू बुवाई मे दिक्कत आ रही है । किसानों को जब सिंचाई के लिए पानी की आवश्यकता है तब नहर विभाग ने नहर की सफाई शुरू कर दी ।इस समय गेंहू की फसल बोने का समय है कुछ किसानों ने किसी तरह खेतो का पलेवा तो कर लिया है

किन्तु कुछ किसान अभी भी नहर में पानी आने का इंतजार कर रहे है । इस समय किसानों की तिलहनी फसलों को भी पानी की जरूरत है ।ऐसे में नहरों मे पानी न आने से किसान परेशान है ।नहर किनारे के खेतों के लिए सिचाई के साधन उपलब्ध न होने से किसानों की निर्भरता केवल नहर है । धान की फसल तो किसानों ने जैसे -तैसे तैयार कर ली लेकिन गेंहू की फसल बोने के लिए भटकना पङ रहा है बेढौरा के किसान बाबूराम मिश्र सिकंदराबाद के विजय वर्मा खेतमनी के रामचंद्र यादव कोङरी के सत्यप्रकाश वर्मा ने बताया कि हम लोगो ने धान की फसल तो जैसे तैसे तैयार कर ली है ।यदिनहर मे पानी नही आया तो गेंहू की फसल तैयार करना काफी मुश्किल हो जायेगा ।


बिजली के बढ़ते दाम भी किसानों के लिए समस्या :समाजसेवी राहुल रस्तोगी सुरेन्द्र वर्मा ने बताया कि सरकार के दावे खोखले साबित हो रहे है ।एक तरफ किसानों की आय दोगुनी करने की बात करती है वही दूसरी तरफ किसानों के लिए बिजली के दाम भी बढा रही है ।असरखपुर के किसान प्रमोद कुमार वर्मा ने बताया कि सरकार ने जब से किसानों की सिचाई मुफ्त करने का ऐलान किया है तब से किसानों को नहरों से सिचाई के समय पानी ही नही मिलता । किसान श्याम प्रकाश मिश्र ने बताया कि नहर विभाग द्वारा टेल तक पानी पहुंचाने व एक माइनर को बंद कर दूसरी में पानी छोड़ने के लिए जो इंतजाम किए गए है वह या तो खराब हो चुके है या गायब ।ऐसे मे टेल तक पानी नही पहुंच पा रहा है ।

कादीपुर निवासी गोविंद यादव ने बताया कि सरकार किसानों से छलावा कर रही है ।बिजली की बढ़ती दरें व नहरों मे पानी न आना किसानों के लिए संकट के समान है ।किसान सुरेंद्र वर्मा ने बताया कि पहले हम लोगों की पूरी सिचाई नहर से ही हो जाती थी अब तो एक साल होने को है, नहर मे पानी ही नही आया । रामप्रकाश ने बताया कि यदि नहर मे पानी आ भी जाए तो इसका लाभ नहर के किनारे खेती करने वाले किसानों को ही होगा क्योंकि सिचाई के लिए नहर विभाग द्वारा जो नालियां बनाई गई थी

वह लगभग समाप्त हो चुकी है ।एक तरफ भू -जल स्तर गिर रहा है जिसके कारण हम लोगो को पंपिंग सेट को पांच से सात फिट की गहराई मे लगाकर सिचाई करनी होती है ,जिससे खतरा भी रहता है ।ग्रामीण क्षेत्र के किसानों ने बिसवा रजबहा नहर अविलंब पानी छोड़ने की मांग की है

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