पारस हॉस्पिटल पर लगे गंभीर आरोप, सिविल सर्जन करेंगे मामले की जाँच

पारस हॉस्पिटल पर लगे गंभीर आरोप, सिविल सर्जन करेंगे मामले की जाँच

पारस हॉस्पिटल पर लगे गंभीर आरोप, सिविल सर्जन करेंगे मामले की जाँच

 

दरभंगा:

देश के बड़े निजी अस्पतालों का विवाद से काफी गहरा संबंध है। सबसे खास बात है कि विवादों में रहने वाला दरभंगा का पारस अस्पताल एक बार फिर आरोपों के घेरे में है। किडनी ट्रांसप्लांट की उम्मीद पाले भर्त्ती हुए एक मरीज ने इलाज में लापरवाही की वजह से इंफेक्शन हो जाने का आरोप लगाया है।

इस संबंध में मरीज के परिजन ने शुक्रवार को सिविल सर्जन से शिकायत की है और कानून  कार्रवाई की गुहार लगाई है। प्राप्त सूचना अनुसार मरीज सोनी झा इलाज के दौरान हैपेटाइटिस सी से संक्रमित हो गई हैं। इसमें कहा गया है कि अस्पताल के डायलिसिस युनिट की घोर लापरवाही के कारण ऐसा हुआ है और मरीज का जीवन संकट में पड़ गया है। परिजन के अनुसार अस्पताल के चिकित्सकों की सलाह पर मरीज सोनी झा किडनी ट्रांसप्लांट को तैयार हुई। जांच-पड़ताल की गई।

जांच के बाद मरीज के हैपेटाइटिस C से संक्रमित होने की बात कही गई। परिजन इससे इत्तेफाक नहीं रखते। उनका कहना है कि यहां मेडिकल नियमों को ताक पर रख कर इलाज किया जा रहा है जिस कारण मरीज संक्रमित हो रहे। सूत्रों के मुताबिक पारस अस्पताल के विशेषज्ञ नेफ्रोलोजिस्ट के जाने के बाद साल अक्टूबर 2018 में यहां कार्यरत आरएमओ अब्दुल वहाब को प्रमोट कर नेफ्रोलोजिस्ट बना दिया गया। उनकी अगुवाई में ही किडनी के मरीज़ो का इलाज चल रहा है।

मरीज के परिजन बताते हैं कि एक ही डायलिसिस मशीन पर हैपेटाइटिस C संक्रमित मरीज के डायलिसिस के बाद दूसरे मरीज का डायलिसिस किया गया जिससे वो भी हैपेटाइटिस C से संक्रमित हो गया। सोनी झा के परिजन कहते हैं कि इस लापरवाही की तरफ अस्पताल प्रबंधन का ध्यान दिलाया गया था लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। जानकारी के अनुसार दरभंगा पारस में कई ऐसे मरीज हैं जिनके पास किडनी ट्रांसप्लांट के लिए डोनर हैं लेकिन ये मरीज हेपेटाइटिस C से संक्रमित पाए गए जिस कारण पटना पारस के चिकित्सकों ने उनके ट्रांसप्लांट करने से साफ मना कर दिया।

दरभंगा पारस को ट्रांसप्लांट के लिए सरकार की तरफ से एनओसी मिल चुकी है। मरीज के आरोप के संबंध में जब पारस अस्पताल के यूनिट हेड संदीप घोष से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि सोनी झा नियमित मरीज हैं इनका नियमित डायलेसिस हो रहा है आरोप की पड़ताल होगी। मरीज के परिजन का कहना है कि लापरवाही की जिम्मेदारी कौन लेगा?

मौत बांटने के ऐसे खेल पर सरकार अंकुश लगाने मे असमर्थ क्यों हो जाती है? वैसे दरभंगा के सिविल सर्जन अमरेन्द्र नारायण झा ने शिकायती आवेदन मिलने की पुष्टि की और कहा कि मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।

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