गौशाला  बनती जा रही मौत की शाला

गौशाला  बनती जा रही मौत की शाला

नरेश गुप्ता / एहतेशाम बेग की रिपोर्ट

गौशाला  बनती जा रही मौत की शाला


विकासखंड परसेंडी

क्षेत्र में बने गौशाला पशुओं की मौत की शाला साबित हो रही हैं बताते चलें क्षेत्र से निकली शारदा सहायक नहर में आए दिन पशुओं की लाशें देखी जाती हैं

क्षेत्रवासियों का कहना है क्षेत्र के तालगांव और मोहरैय्या गांव में बने गौशाला मैं चारा पानी की व्यवस्था ना होने के चलते आए दिन दो चार पशुओं की रोजाना मौत हो जाती है गौशाला में मरे पशुओं को उठाकर पास में मौजूद शारदा सहायक नहर में डाल दिया जाता है आजकल नहर में पानी कम होने की वजह से पशुओं की लाश बह नहीं पाती हैं जिससे पूरा क्षेत्र सड़ी हुई लाशों की बदबू से परेशान है जबकि भारत सरकार प्रत्येक पशु पर ₹30 प्रतिदिन के हिसाब से गौशाला रक्षक को दी जा रही है

क्षेत्र के दोनों गौशालाओं में लगभग 450 पशु बंद है जिसकी प्रति जानवर खुराक सरकार के द्वारा ₹30 दिए जा रहे हैं किंतु ग्राम प्रधान के संरक्षण में बने गौसाला के पशुओं को हफ्ते में तीन-चार दिन ही चारे पानी की व्यवस्था कराई जाती है जिससे पशुओं के भूख से मरने का सिलसिला कम होने का नाम नहीं ले रहा है सूत्रों की माने तो ग्राम प्रधान मरे हुए पशुओं को उठवा कर नहर में डाल देते हैं और उनकी जगह पर नए पशुओं को पकड़वा कर बंद करवा देते हैं

जिससे कि उनका शेड्यूल मेंटेन रहे और पैसे का आवागमन चालू रहे जांच के लिए आए हुए अधिकारियों को यह दिखाया जा सके कि जानवरों की संख्या पूरी है क्षेत्रवासियों का कहना अगर इसी प्रकार से गौशाला मैं पशु मरते रहे तो क्षेत्रवासियों को इतनी भयंकर बदबू के चलते क्षेत्र में रहना मुश्किल हो जाएगा

इसी बदबू के चलते क्षेत्र में बीमारियां फैल रही जिससे क्षेत्रवासियों की मौतें भी हो सकती हैं पर अधिकारियों ने मौन धारण कर रखा है

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