हाय राम ....... अतिथि शिक्षक! तुम कब आओगे

हाय राम ....... अतिथि शिक्षक! तुम कब आओगे

पटना:

कॉलेजों में शिक्षक नहीं हैं। एक के जिम्मे कई क्लास हैं। शिक्षकों के अभाव में कई कॉलेजों में क्लास भी नहीं हो पा रही है। ऐसे में सरकार समस्या से तत्काल निजात दिलाने के लिए अतिथि शिक्षक बहाली का प्रावधान लाई।

सभी विश्वविद्यालयों को कहा गया है कि वे खाली असिस्टेंट प्राफेसर के पद पर अस्थायी तौर पर अतिथि शिक्षकों की बहाली करें। सरकार के इसी आदेश के आलोक में राज्य के सभी पारंपरिक विवि ने अतिथि शिक्षकों की बहाली निकाली।

पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय और पटना विश्वविद्यालय ने भी अतिथि शिक्षकों की बहाली निकाली। उद्देश्य था कि इनकी तत्काल बहाली कर क्लास खाली जाने से रोका जाएगा। छात्र-छात्राओं की पढ़ाई हो पाएगी, लेकिन दोनों विश्वविद्यालयों ने रिक्तियां तो निकाल दीं, लेकिन नियुक्ति करना भूल गए। नतीजतन चालू सत्र में अतिथि शिक्षकों की बहाली नहीं हो पाई। जहां छात्र बहुत ज्यादा पढ़ाई को लेकर संवेदनशील थे, वहां जैसे-तैसे क्लास चालू करने का प्रबंधन किया गया। 

पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय तो साक्षात्कार भी नहीं ले सका

पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय ने पिछले साल नवंबर में अतिथि शिक्षक बहाली के लिए आवेदन मांगे थे। अंतिम तिथि 30 नवंबर थी। कुल 582 पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए थे। इसमें हिन्दी के सबसे अधिक 64 पद और रसायन शास्त्र व अंग्रेजी के 51-51 पद शामिल थे। विश्वविद्यालय ने घोषणा की थी कि जल्द ही साक्षात्कार की तारीख जारी की जाएगी,

लेकिन विश्वविद्यालय साक्षात्कार की तारीख जारी करना भूल गया। पांच माह से ज्यादा बीत चुके हैं, लेकिन आज तक  साक्षात्कार नहीं हो सका। विश्वविद्यालय की गति देखकर आशंका उत्पन्न हो रही है कि वह जुलाई से शुरू होनेवाले नए सत्र से पहले इतने पदों के लिए साक्षात्कार पूरा कर रिजल्ट जारी कर पा

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