पत्रकारों के साथ हो रहे जुल्म और पुलिस के द्वारा दिया गया थर्ड डिग्री का हिसाब कौन करेगा

पत्रकारों के साथ हो रहे जुल्म और पुलिस के द्वारा दिया गया थर्ड डिग्री का हिसाब कौन करेगा

पत्रकारों के साथ हो रहे जुल्म और पुलिस के द्वारा दिया गया थर्ड डिग्री का हिसाब कौन करेगा: मोहम्मद अकील खान 

लखनऊ/ पुलिस की प्रताड़ना के खिलाफ पिछड़ा मुस्लिम मोमिन समाज उत्तर प्रदेश के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रवक्ता मोहम्मद अकील खान ने कहा कि जिस तरह नोएडा सेक्टर 39 की पुलिस के द्वारा टोटल टीवी के पत्रकार शाहिद हुसैन सैफी को थर्ड डिग्री दिया गया. जिसके विरोध में पुलिस प्रशासन के खिलाफ पिछड़ा मुस्लिम मोमिन  समाज उत्तर प्रदेश कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि  जिस तरह  हिंदुस्तान के  राजधानी  दिल्ली  में  प्रधानमंत्री  जनाब नरेंद्र मोदी साहब की नाक के नीचे पत्रकारों के साथ  जुल्म के साथ अभद्रता  और प्रताड़ित किया जा रहा है  इस घटना से प्रतीत होता है कि हिंदुस्तान  के अंदर  कानून व्यवस्था  पूरी तरह से  चरमरा गई है और उत्तर प्रदेश पुलिस  जब रक्षक के नाम पर भक्षक ही बन जाए तो फिर कहां कौन, कैसी सरकार ? 

योगी पुलिस के कारनामे के खिलाफ

उत्तर प्रदेश सरकार  पूरी तरह से  मूकदर्शक  बनी हुई है  पिछड़ा मुस्लिम मोमिन  समाज के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रवक्ता मोहम्मद अकील खान ने कहा है कि इस घटना में शामिल  पुलिसकर्मियों के खिलाफ  सख्त से सख्त कार्रवाई यदि नहीं होती है तो  पिछड़ा मुस्लिम मोमिन समाज संगठन  पुलिस प्रशासन के खिलाफ  राजधानी लखनऊ में  धरना प्रदर्शन करेगी और इस बर्बरता के खिलाफ उत्तर प्रदेश के महामहिम राज्यपाल महोदय और हिंदुस्तान के महामहिम राष्ट्रपति महोदय को ज्ञापन सौंपकर  पत्रकारों के साथ दुर्व्यवहार जान से मारने की धमकी की न्यायिक जांच की मांग करेगी. 

पत्रकार के कनपटी पर रिवाल्वर रखकर यह धमकी देना की 'ज्यादा बकवास की तो तुम्हें यही ठंडा कर दिया जाएगा' मैं पूछना चाहता हूं इस मुल्क के हुक्मरानों से संविधान में ऐसा अधिकार कहां किसी सरकार को या उसके पुलिस को या आर्मी को दिया गया है कि किसी भी मीडिया कर्मी के कनपटी पर आप रिवाल्वर रखकर उसे धमका सके. अगर ऐसा आपके राज्य में हो रहा है तो बहुत गलत हो रहा है आप अपनी आदतें बदल दें.अपने नियम बदल दे अपने कानून बदल दें, क्योंकि अगर अपना नजरिया जिस दिन मीडिया ने बदल लिया उस दिन इस देश का इतिहास ही बदल जाएगा. क्योंकि  आज मीडिया  कर्मियों के साथ जो भी जुल्म हो रहा है  इसके जिम्मेदार योगी की सरकार, प्रदेश की पुलिस खुद मीडिया के  कुछ  चापलूस और चाटुकार  पत्रकार ही है  वरना किसी सरकार  या पुलिस  अधिकारी और कर्मचारी में  इतनी हिम्मत नहीं है कि पुलिस  प्रताड़ित कर सके या मीडिया कर्मी का उत्पीड़न कर सके और हम नहीं चाहते इतिहास में कुछ ऐसा लिखा जाए कि आगे लोग आप पर शर्म करें.

मीडिया बंधुओं के लिए दो टूक

संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रवक्ता मोहम्मद अकील खान ने मीडिया हाउसेस से भी कहा कि प्रिंट मीडिया, न्यूज़ टीवी जो आज राजनीतिक लोगो के हाथों की कठपुतली बने हुए हैं.पैसा ही धर्म नहीं होता पैसे के ऊपर अपने जमीर को मत बेचीए. देश नियमों और कानून को देखिए क्योंकि मीडिया लोकतंत्र का  चौथा स्तंभ कहा जाता है. आज आप छोटे-छोटे मीडिया हाउसेस की बात नहीं है देश के अंदर इतने अखबार इतनी मैगजीन इतने चैनल हैं वह भी इमानदारी से काम कर रहे हैं और मीडिया की गरिमा बनाए रखे हुए हैं. तो आप का भी फर्ज बनता है आप लोग भी मीडिया की गरिमा बनाए रखें. अगर किसी के साथ कुछ उत्पीड़न होता है तो उसमें उनका सहयोग करें अगर आप यह चाहते हैं कि आपके साथ कुछ नहीं हो रहा है कि आप गलत सोच रहे हैं इसका जीता जागता उदाहरण गौरी लंकेश पुण्य प्रसून वाजपई, रविश कुमार  है आप अपने आप को सुधारे और सच्चाई की राह पर आ जाएं ताकि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ मीडिया को आज गुलामी की वेड़ियो से आजाद किया जा सके. सुबह का भूला हुआ अगर शाम  को घर लौट आए तो उस को भूला नहीं कहते आप आइए पिछड़ा मुस्लिम मोमिन समाज संगठन के बैनर तले  और मीडिया को आजाद कराने के लिए  इस  क्रांति में आप अपना अहम योगदान दीजिए।               

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