पत्रकार के साथ अभद्रता मामले में पुलिस की भूमिका संदिग्ध 

पत्रकार के साथ अभद्रता मामले में पुलिस की भूमिका संदिग्ध 

पत्रकार के साथ अभद्रता मामले में पुलिस की भूमिका संदिग्ध 

चौकी इंचार्ज और दीवान पर आरोप की शिकायत मुख्यमंत्री से की

संवादाता नरेश गुप्ता

शाहाबाद हरदोई

एक दैनिक समाचार पत्र के पत्रकार दिनेश कुमार मिश्रा निवासी मो0 बाजार शम्भा ने अपने साथ हुई अभद्रता के साथ जानमाल की धमकी देने वाले पांच हमलावरों को संरक्षण देने के लिये कोतवाली शाहाबाद के चौकी इंचार्ज अनिल सिंह और दीवान मदन सिंह पर उनसे मिलीभगत का आरोप लगाकर मुख्यमंत्री से पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।

पत्रकार द्वारा भेजे गए शिकायती पत्र में कहा है कि वह अपने रिश्तेदार रमारानी की गिरवी छुड़ाने अपने पड़ोस में रहने वाले सर्राफा व्यापारी शुभम रस्तोगी निवासी शम्भा बाजार के घर गया।शुभम से गिरवी वापस करने के लिये कहा तो वह टालमटोल करने लगा।शुभम के घरवाले धनश्याम,संजीव,राजीईव,नवीन पुत्र नवल रस्तोगी भी निकल आये और हमलावर होकर जान से मारने की धमकी दी।पत्रकार दिनेश कुमार मिश्रा ने कोतवाली में सूचना दी परन्तु पुलिस ने रिपोर्ट नही दर्ज की।

अगले दिन वह अपने पत्रकार साथियों के साथ कोतवाली गया तो कोतवाल ने केवल धनश्याम रस्तोगी को धारा 151 में पाबंद करके मामले की लीपापोती कर दी।पत्रकार ने कहा कि जब वह कोतवाली गेट पर खड़ा था तभी हमलावर अपने हाथों में मिठाई और गिफ्ट पैक लेकर कोतवाली में घुसे और चौकी इंचार्ज अनिल सिंह व दीवान मदन सिंह को सारा सामान दे दिया।

यह सारा मामला कोतवाली के सीसी टीवी फुटेज में भी कैद हुआ है।और पत्रकारों ने भी हमलावरों को कोतवाली में सामग्री ले जाते हमलावरों को अपने कैमरे में कैद कर लिया।पत्रकार ने दरोगा और दीवान को इस मामले में हमलावरों की मदद का आरोप लगाते हुए पुलिस की भूमिका संदिग्ध बताई।

इस मामले की उच्चस्तरीय जांच के लिये मुख्यमंत्री को शिकायत भेजकर डीएम व एसपी को भी इसकी शिकायत भेजी है।वही इस सारे मामले को लेकर पत्रकारो में गहरा असंतोष है।

Comments