आंगनबाड़ी केंद्रों पर मनाया गया ग्रामीण पोषण दिवस  

आंगनबाड़ी केंद्रों पर मनाया गया ग्रामीण पोषण दिवस  

पीलीभीत 

बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की ओर से जनपद के 1830 आंगनबाड़ी  केंद्रों पर ग्रामीण पोषण दिवस मनाया गया।

इसी के तहत ब्लॉक मरौरी के ग्राम मेवात में सोमवार को  आंगनबाड़ी केंद्र पर आयोजित ग्रामीण पोषण दिवस  में गर्भवती व धात्री महिलाएं एवं बच्चो ने प्रतिभाग किया | 

 

केंद्र पर उपस्थित प्रेमलता देवी ने बताया -  “6 महीने के बाद बच्चे का शारीरिक व मानसिक विकास तेजी से होता है, इसलिए 6 माह के बाद बच्चे को ऊपरी आहार देने की शुरुआत कर देनी चाहिये। बच्चों को भोजन से महत्वपूर्ण पोषक प्रोटीन, विटामिन, कार्बोहाइड्रेट व वसा आदि प्राप्त होते हैं जो मांसपेशियों में वृद्धि करते है तथा शिशु को स्वस्थ  रखते  हैं| ऊपरी आहार के रूप में बच्चों को आंगनबाड़ी केन्द्रों पर जो पोषाहार दिय जाता है उससे विभिन्न प्रकार के स्वादिष्ट आहार बना सकते हैं जैसे कतली, लड्डू, गुजिया, नमक पारे, खिचड़ी इत्यादि |

 

जिला कार्यक्रम अधिकारी ( डीपीओ ) अरविंद कुमार ने कहा- 6 माह का होने के बाद बच्चे को ऊपरी आहार की शुरुआत करनी चाहिए।  इसके लिए  जरूरी है कि हम बच्चे को जो ऊपरी आहार के रूप में दें  वह पौष्टिक होना चाहिए। बच्चे के बढ़ने के साथ ही भोजन की मात्रा का भी ध्यान रखना चाहिए | ऊपरी आहार के रूप में बच्चों को घरों में उपलब्ध मौसमी खाद्य  पदार्थ जैसे:- दाल, चावल, केला, आलू, हरे पत्तेदार सब्जियां,पीले फल आदि देना चाहिए। ऊपरी  आहार सही तरीके से न मिल पाने के कारण  बच्चे कुपोषित हो जाते हैं।

उत्तर प्रदेश तकनीकी सहयोग इकाई (यूपी टीएसयू) की पोषण सखी पिंकी ने केंद्र पर आई हुई गर्भवती, धात्री  महिलाओं  ,  बच्चो और उनके परिवार जनों के बीच ऊपरी आहार  के बारे में विस्तार से बताया | उन्होंने कहा  गर्भवती महिलाओं को खान पान के बारे में अपना ख्याल रखना चाहिए और मौसमी सब्जियों का ज्यादा सेवन करना चाहिए |  फलों में पीले रंग के फल का ज्यादा सेवन करना चाहिए जैसे पपीता, मौसमी किन्नू, अनन्नास, केला,आदि खाना चाहिये।  उन्होंने बताया कि धात्री माताओं को अपने बच्चो  को 6 माह तक केवल स्तनपान  कराना चाहिए | इस दौरान उस बच्चे को पानी या शहद आदि नही पिलाना है अगर बच्चा 6 माह तक केवल स्तनपान करता है तो बच्चे की रोगप्रतिरोधक क्षमता का विकास होता है तथा  बच्चा कई बीमारियों से बचा  रहता है |

 

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