क्या गुरु ग्राम दलित हैं

क्या गुरु ग्राम दलित हैं

क्या गुरु ग्राम दलित हैं

लेखक मान सिंह नेगी 

 अभी हाल ही में अभिनेता व सांसद परेश रावल का वक्तव्य पढ़ा. 

 गुड़गांव में कुछ घंटे के जाम को मीडिया ने बहुत ज्यादा प्रचारित किया.

 मिश्रा जी अभिनेता व सांसद परेश रावल का ध्यान उस टिप्पणी एवं बयान पर दिलाना चाहते हैं.

जब अभिनेता ऋषि कपूर ने कुछ ही समय यातायात में फसने पर दिल्ली वालों को नसीहत देने में  मैं भी गुरेज नहीं किया.

 उन्होंने कहा दिल्ली में जाम की सबसे ज्यादा समस्या है.

 इस बयान के बाद उनकी सामाजिक मीडिया पर जमकर खिंचाई हुई.

उन्होंने भी अपनी बात से इस प्रकार यू टर्न ले लिया.

 जैसे कालेज में नेताजी लेते हैं.

 हर विद्यार्थी यही कहते पाए जाते हैं.

अब नेताजी सफाई देंगे मैंने ऐसा नहीं वैसा बोला था.

 अभिनेता एव सांसद परेश रावल शायद आपको नहीं मालूम जिसे आप कुछ घंटे का जाम कह रहे हो.

 मिश्रा जी आपको बता देना चाहते हैं.

आज तक के इतिहास में 14 -16 घंटे का जाम  नहीं देखा गया.

 क्या आपने कभी देखा या सुना है. 14 से 16 घंटे का जाम.

 शायद आपका एक खबर की और  ध्यान खींचना अत्यंत आवश्यक है.

उत्तर प्रदेश के नामचीन नेता 20 मिनट के लिए लिफ्ट में फंस गए थे.

फिर ना जाने कितने कर्मचारियों को नौकरी से हाथ धोना पड़ा था.

 आपको यह बताना भी जरूरी है कि दिल्ली वाले एक-दो घंटे को जाम की गिनती में नहीं गिनते.

 दूसरी तरफ यह बात और है कि उत्तराखंड की बारिश को मीडिया ने उतना महत्व नहीं दिया जितना गुरुग्राम के जाम को. 

 आपकी अंतिम पंक्ति समझ से परे हैं.

आप क्या कहना चाहते हैं? 

क्या गुरूग्राम दलित है? 

कृपया आप इस पंक्ति के आशाएं में प्रकाश डालें तो ज्यादा बेहतर होगा.

इतिश्री

 

 

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