राधे राधे

राधे राधे
 सभी भाइयों एवं बहनों मित्रों पाठकों  को लेखक मान सिंह नेगी की प्रातः काल की राधे राधे

आपका दिन शुभ एवं मंगलमय हो 

इसी  कामना के साथ राधे राधे

 काम पर जा रहे हो, विद्यालय जा रहे हो 

कॉलेज जा रहे हो आप सबको राधे-राधे

 राधे राधे बोलो बड़ा अच्छा लगता है

 राधे राधे बोलोगे तब भी अच्छा ही लगेगा

 आपका  कार्य शुरू हो या समाप्त

  आप दफ्तर में हो या घर पर

 राधे राधे बोलो जी बड़ा अच्छा लगता है

 मन की शांति चाहते हो बोलो राधे राधे 

 सांसारिक माया जाल से निकलना चाहते हो बोलो राधे हमेशा प्रसन्न रहना चाहते हो बोलो राधे राधे 

  उलझनों में रास्ता सुलझाना चाहते हो बोलो राधे राधे 

 हर घड़ी हर क्षण हर समय बोलो राधे राधे 

 लिख कर देखो रख कर देखो भेज कर देखो राधे राधे

 सुबह-सुबह यूं ही खाली बैठा था कुछ लिखने का मन हुआ. चार लाइने लिख दी आपके सम्मुख प्रस्तुत हैं. 

आपको यह चार लाइने कैसी लगी अवश्य बताएं. राधे राधे फिर मिलूंगा अगले लेख के साथ तब तक भजिए गाइए मुस्कुराइए मस्त हो जाइए राधे राधे के नाम पर

आपको यह अधूरी पंक्ति भी पूरी करनी है. आओ मिलकर कोशिश करे. कोशिश करने वालो की कभी हार नही होती. 

बोलो राधे राधे 

 

 लेखक मान सिंह नेगी

 इतिश्री

 

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