जोधपुर से नाचते गाते पैदल संघ में गुर्जर-गुजरिया श्रद्धालु निकले देवमाली मसूदा अजमेर

जोधपुर से नाचते गाते  पैदल संघ में गुर्जर-गुजरिया श्रद्धालु निकले देवमाली मसूदा अजमेर

जोधपुर,

राजस्थान से शुक्रवार को देवधाम देवमाली मसूदा तहसील ब्यावर जिला अजमेर को रवाना हुवा नवमी पैदल यात्रा संघ

               श्री देवनारायण मन्दिर के.के. कॉलोनी से देवमाली देमालिया के लिए विगत वर्षों की भांति नवमी पैदल यात्रा संघ में शामिल हुवे कई गुर्जर समाज बन्धु

              देवधणी दरबार के जयकारों के साथ भक्तिमय देव धुन के गानों पर नाचते गाते श्रद्धालु का पैदल संघ के के कॉलोनी से दोपहर रवाना होकर बासनी रेलवे स्टेशन,कृषि मंडी मार्ग से झालामंड के रास्ते गंतव्य की आगे बढ़ता गया 

                     पैदल संघ में जाने वाले श्रद्धालुओ के नाते रिश्तेदार मित्रगणों ने पुष्प मालाए पहनाकर जगह- जगह स्वागत सत्कार किया । कई स्थानों पर समाज बंधुओं ने जलपान पुष्प वर्षा कर पैदल संघ का स्वागत किया


              संघ के प्रमुख संचालक प्रदीप चाड ने बताया कि पिछले आठ वर्षों से पैदल संघ जोधपुर से देवमाली सकुशल जा रहा है नवमी यात्रा आज जोधपुर से सैकड़ो लोगो के साथ रवाना हुई है। उन्होंने बताया कि पैदल संघ विभिन्न स्थानों पर पड़ाव लेते हुवे प्रतिदिन सवेरे से शाम तक लगभग 35-40 किलोमीटर की  यात्रा तय करता है 

                               प्रतिवर्ष पैदल जाने वाले संघ में श्रद्धालुओं की संख्या,सहयोग में निरन्तर बढ़ोतरी हो रही है भोजन चाय,नाश्ते,टेन्ट,चिकित्सा,बुजुर्ग गणो के लिए वाहन आदि की सम्पूर्ण व्यवस्था की संघ में की गई है प्रतिवर्ष पैदल संघ का रास्ते मे कई स्थानों पर जिनमे डांगियावास,भावी ,खारिया मीठापुर, बिलाड़ा,जैतारण,बर होते हुवे यात्रा छठ को देवमाली धाम दर्शन हेतु पहुँचेगी हाइवे पर आने वाले गांवो में ग्राम वासियो द्वारा कार्यक्रम आयोजित कर स्वागत सत्कार की व्यवस्था की जाती हैं। पैदल संघ जैसे जैसे जिन क्षेत्रों से होकर गुजरता है स्थानीय श्रद्धालु भी संघ में शामिल हो जाते हैं ।


            देवमाली तक पहुँचते-पहुँचते पैदल यात्रा संघ श्रद्धालुओ की संख्या के साथ भव्य रूप धारण करने लगता है।

             शिवनारायण बोकण ने बताया कि रात्री विश्राम के लिए रास्ते मे सभी सुविधाएं पैदल यात्रियो के लिए पूर्व की भांति की जा चुकी है।


                     बेबी गुर्जर के नाम से विख्यात राजस्थानी लोक गायिका रेणु ध्याणा ने बताया कि वे पैदल संघ का स्वागत करने पहुँची है उन्होंने बताया कि प्रतिवर्ष मे दो बार छठ,सातम को त्यौहार रूप में मनाया जाता है जो कि हिन्दी माह भाद्रपद्र भादवा व माघ माह में मनाया जाता है भादवा छट से जुड़ी मान्यता के अनुसार अवतारी देवनारायण के घोड़े लीलाधर के जन्म उत्सव रूपी पौराणिक पर्व रूप मे मनाया जाता है.  

                      भादवा माह में किसान अपने फसल की बुवाई करके देवधाम यात्राओं को निकलते हैं। इस माह में कृष्ण जन्माष्ठमी छठ सातम गणेश चतुर्थी अनन्त चतुदर्शी बाबा रामदेव की बीज व दशमी के मेले पर्व त्योहार आदि धूमधाम से मनाये जाते हैं

  
 पंकज कटारिया ने बताया कि वे पैदल यात्रा संघ के साथ गत तीन वर्षों से जा रहे है जिसमे किसी प्रकार की थकान असुविधा नही होती है । नाचते गाते सफर आसानी से कटता जाता है

 

 


         ग्यारसी देवी ने बताया कि स्वास्थ्य कैसा भी हो पैदल संघ में प्रथम वर्ष से जा रहे है रास्ते मे थकान नाचते गाते हुवे उतर जाती है
          महिलाओं पुरुषों के साथ बुजुर्ग श्रद्धालुओ के लिये वाहनों की भी व्यवस्था पैदल संघ के साथ की गई है।

          समाज बन्धुओ द्वारा कुशल यात्रा की मनोकामना के साथ सभी को आगामी देव छठ सातम की शुभकामनाएं प्रेषित की गई .


            देवनारायण पैदल यात्रा 

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