सुरियावां में छोटे छोटे बच्चों ने मिलकर सजाया पूजा पंडाल

सुरियावां में छोटे छोटे  बच्चों ने मिलकर सजाया पूजा पंडाल

ज्ञानपुर। जनपद में विघ्न-विनाशक भगवान गणेश की स्थापना जगह हुई हैं। जनपद के विभिन्न पूजा पंडालों में सुबह व शाम वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान गणेश आरती व पूजन हो रहा है। पूजा पंडालों में गणपति बप्पा मोरया के नारों से पूजा-पंडाल गुंजायमान हो रहे है। दश दिनों तक चलने वाले गौरीपुत्र गणेश की पूजा चारों होता हुआ दिखाई दे रहा है।

गणपति की आराधना कर भक्तजन अपने को भाग्यशाली समझ रहे है। प्रातःकाल व सायंकाल भगवान गणेश की आराधना व आरती से पूजा पंडाल ही नही अपितु इर्द-गिर्द का क्षेत्र भी भक्तिमय हो जा रहा है। माना जाता है कि भगवान गणेश की महिमा अनंत है। वे भक्तों का आपत्तियों का हरण करने वाले है। गणेश भगवान की अनुकम्पा जिसके ऊपर हो जाती है वह महान बन जाता है। उनकी महिमा की गाथा हमे पौराणिक ग्रंथों में भी मिलती है।

बताया जाता है कि गणपति विवेकशीलता के परिचायक है। गणपति का वर्ण लाल है; उनकी पूजा में लाल वस्त्र, लाल फूल व रक्तचंदन का प्रयोग किया जाता है। हाथी के कान हैं सूपा जैसे सूपा का धर्म है। 'सार-सार को गहि लिए और थोथा देही उड़ाय' सूपा सिर्फ अनाज रखता है। हमें कान का कच्चा नहीं सच्चा होना चाहिए। कान से सुनें सभी की, लेकिन उतारें अंतर में सत्य को। आँखें सूक्ष्म हैं जो जीवन में सूक्ष्म दृष्टि रखने की प्रेरणा देती हैं। नाक बड़ा यानि दुर्गन्ध (विपदा) को दूर से ही पहचान सकें। गणेशजी के दो दाँत हैं एक अखण्ड और दूसरा खण्डित।

अखण्ड दांत श्रद्धा का प्रतीक है यानि श्रद्धा हमेशा बनाए रखना चाहिए। खण्डित दाँत है बुद्धि का प्रतीक इसका तात्पर्य एक बार बुद्धि भ्रमित हो, लेकिन श्रद्धा न डगमगाए। गणेश जी के आयुध औश्र प्रतीकों से अंकुश हैं, वह जो आनंद व विद्या की प्राप्ति में बाधक शक्तियों का नाश करता है। कमर से लिपटा नाग अर्थात विश्व कुंडलिनी और लिपटे हुए नाग का फन अर्थात जागृत कुंडलिनी,मूषक अर्थात् रजोगुण गणपति के नियंत्रण में है।

भदोही जनपद के विभिन्न स्थानों पर गणेश की मूर्ति स्थापित की गई है। मालूम हो कि सुरियावां टॉउन एरिया में छोटे छोटे बच्चों के द्वारा स्थापित की गई भगवान गणेश की प्रतिमा का दृश्य देखकर लोग आश्चर्यचकित हो जा रहे है। इन बच्चों की आस्था को देखकर लोग घोर घोर प्रशंसा कर रहे है। मूर्ति स्थापित करने में राजन, अन्नू श्रेया, आशीष, हेमंत की अहम भूमिका रही। ये बच्चें सुबह शाम आरती पूजन कर रहे है। इनकी आस्था को देखकर लोग निहाल हो जा रहे है।

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