छह बसपा विधायकों का कांग्रेस में विलय मायावती ने निकाली भड़ास 'कांग्रेस दलित विरोधी'

छह बसपा विधायकों का कांग्रेस में विलय मायावती ने निकाली भड़ास 'कांग्रेस दलित विरोधी'

छह बसपा विधायकों का कांग्रेस में विलय मायावती ने निकाली भड़ास 'कांग्रेस दलित विरोधी'

राजनीति

जयपुर राजस्थान लखनऊ उत्तरप्रदेश सत्ता के गलियारे से

            राजस्थान प्रदेश में जादूगर के नाम से प्रख्यात मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, उपमुख्यमंत्री  सचिन पायलट का  जादू कांग्रेस में शामिल हुवे बसपा के विधायक

मायावती ने ट्वीट में कांग्रेस को निशाने पर लेते हुए ट्विटर पर दिए संदेश

        राजस्थान सरकार और अधिक मजबूत और  में कांग्रेस स्थिर हो गई है। 200 सीटों वाली विधानसभा में अब कांग्रेस के पास 106 विधायक हो गए हैं और उसके सहयोगी राष्ट्रीय लोकदल के पास एक विधायक है।

          राजस्थान में विधानसभा चुनावों में बसपा पार्टी से विजयी हुवे छह विधायको ने सोमवार को कांग्रेस पार्टी में विलय किया जिसके चलते बसपा सुप्रीमो मायावती ने कांग्रेस पर जमकर भड़ास निकाली कहां कांग्रेस ने गैर भरोसेमंद और धोखेबाज होने का सबूत दिया

 

 

            सोमवार को राजस्थान बीएसपी के सभी 6 विधायकों ने कांग्रेस ज्वाइन की थी सभी विधायकों के बसपा पार्टी छोड़ने से उन पर दल बदल विरोधी कानून भी लागू नहीं हो सकेगा सभी छह विधायकों ने राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष डॉक्टर सीपी जोशी को इसके संबंध में एक पत्र भी सौंपा विधानसभा अध्यक्ष ने इसकी पुष्टि की है राजेंद्र गुढ़ा (उदयपुरवाटी) जोगेंद्र सिंह अवाना (नदबई )वाजिद अली (नगर) लखन सिंह मीणा (करोली) संदीप यादव (तिजारा) और दीपचंद खेरिया ने कांग्रेस की सदस्यता ली है

 

                मायावती ने कहा कि कांग्रेस उन पार्टियों को हमेशा चोट पहुंचाती है जो उसे समर्थन देती है मायावती ने सिल सिलेवार ट्वीट के जरिए कांग्रेस को दलित विरोधी और धोखेबाज बताते हुए जमकर भड़ास निकाली

       जवाब में राजस्थान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने विधायकों की खरीद फरोख्त के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि राज्य  के बसपा विधायक स्वेच्छा से शामिल हुवे है

 

              मायावती ने कांग्रेस को निशाने पर लेते हुए कहा कि राजस्थान में कांग्रेस पार्टी की सरकार ने एक बार फिर बसपा  विधायकों को तोड़कर गैर भरोसेमंद धोखेबाज पार्टी होने का प्रमाण दिया है

                   कांग्रेस सरकार को बसपा बाहर से समर्थन दे रही थी मायावती ने आरोप लगाया कि कांग्रेस अपनी कट्टर विरोधी पार्टी संगठनों से लड़ने की बजाय हर जगह उन पार्टियों को ही सदा आघात पहुंचाने का काम करती है जो उन्हें समर्थन देता है कांग्रेस इस प्रकार एस सी एस टी ओर ओबीसी की विरोधी रहकर  इन वर्गों के आरक्षण के हक के प्रति कभी गंभीर, ईमानदार नहीं रही है

      बसपा सुप्रीमो ने कांग्रेस को अंबेडकर का विरोधी बताते हुए कहा कि कांग्रेस हमेशा ही बाबा साहेब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर उनकी मानवतावादी विचारधारा के विरुद्ध रही है इसी कारण डॉक्टर अंबेडकर को देश के पहले कानून मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था कांग्रेस ने उन्हें न तो कभी लोकसभा में चुनकर भेजा जाने दिया और नहीं भारत रत्न से सम्मानित किया अति दुखद और शर्मनाक

            राजस्थान बसपा पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष धर्मवीर अशोक का कहना है कि उन्हें विधायकों के कांग्रेस में जाने की भनक तक नहीं लगी यदि उन्हें पहले पता चल जाता तो वे विधायको को जरूर रोकते वहीं दूसरी और अपने विधायकों के पार्टी परिवर्तन को लेकर बीएसपी सुप्रीमो मायावती कांग्रेस पर जमकर बरसे है

                         आरोपों का सीएम गहलोत और पायलट उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने  मायावती के आरोपों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कांग्रेस खरीद फरोख्त नहीं करते और उन्होंने कहा कि बीएसपी के विधायक राज्य के हित को नजर रखते हुए कांग्रेस में शामिल हुए हैं राज्य में एक स्थिर सरकार रहे इसके लिए बसपा विधायकों ने फैसला किया है

          उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने भी मायावती के आरोपों को खारिज किया है उन्होंने कहा कि बिना किसी लालच के बिना शर्त के विधायक कांग्रेस में आए हैं तो इसमें किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए उन्होंने कहा कि पहले तो वह विधायक कांग्रेस सरकार को बाहर से समर्थन दे रहे थे अब अगर उन्होंने भीतर से समर्थन यानी कांग्रेस में शामिल होने का फैसला किया है तो इसमें गलत क्या है

मायावती ने ट्वीट में कांग्रेस को निशाने पर लेते हुए ट्विटर पर दिए संदेश

 "1. राजस्थान में कांग्रेस पार्टी की सरकार ने एक बार फिर बीएसपी के विधायकों    को तोड़कर गैर-भरोसेमन्द व धोखेबाज़ पार्टी होने का प्रमाण दिया है। यह बीएसपी मूवमेन्ट के साथ विश्वासघात है जो दोबारा तब किया गया है जब बीएसपी वहाँ कांग्रेस सरकार को बाहर से बिना शर्त समर्थन दे रही थी।

2. कांग्रेस अपनी कटु विरोधी पार्टी/संगठनों से लड़ने के बजाए हर जगह उन पार्टियों को ही सदा आघात पहुंचाने का काम करती है जो उन्हें सहयोग/समर्थन देते हैं। कांग्रेस इस प्रकार एससी, एसटी,ओबीसी विरोधी पार्टी है तथा इन वर्गों के आरक्षण के हक के प्रति कभी गंभीर व ईमानदार नहीं रही है।

3.कांग्रेस हमेशा ही बाबा साहेब डा भीमराव अम्बेडकर व उनकी मानवतावादी विचारधारा की विरोधी रही। इसी कारण डा अम्बेडकर को देश के पहले कानून मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था। कांग्रेस ने उन्हें न तो कभी लोकसभा में चुनकर जाने दिया और न ही भारतरत्न से सम्मानित किया। अति-दुःखद व शर्मनाक।"

[संलग्न फोटोज फाइल फोटो]

देवेन्द्र (देव) गुर्जर जोधपुर  स्टेट ब्यूरो चीफ (राजस्थान)

स्वतंत्र प्रभात मीडिया

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