पाबंदी के बाद भी धड़ल्ले से हो रहा है कच्ची शराब का ब्यापार

पाबंदी के बाद भी धड़ल्ले से हो रहा है कच्ची शराब का ब्यापार

रिपोर्ट-डीके सिंह

टिकैत नगर बाराबंकी

शासन की तमाम पाबंदी के बावजूद थाना टिकैतनगर क्षेत्र में अवैध कच्ची शराब का धंधा रूकने का नाम नहीं ले रहा है।और शासन के नियम कानून को ताक पर रख इस थाना क्षेत्र में अवैध कच्ची शराब बनाई व बिक्री जा रही है। थाने में कई थानाध्यक्ष आए और गये लेकिन किसी ने भी इस अवैध धंधे पर अंकुश लगाने के लिए ठोस कदम नहीं उठाया और जिले का आबकारी विभाग भी सबकुछ जानकर इस अवैध धंधे को मौन स्वीकृति प्रदान किए हुए है।

 प्राप्त जानकारी के मुताबिक थाना टिकैतनगर क्षेत्र अवैध कच्ची शराब के कारोबारियो के लिए सुरक्षित स्थान बन गया है और इस थाना क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अवैध रूप से कच्ची व मिलावटी शराब बनाई व बेची जा रही है ।

थाना टिकैतनगर क्षेत्र के ग्राम बघौली सिकलिक पुरवा सुर्रा सराय दुनौली  कस्बा इचौली के लाला के पुरवा में बहराइन डेरे राजा भुढ़वा सलारन पुरवा बादशाह नगर अरसण्डा सुखी पुर भुडवा बेलखरा दुलहदेपुर बीरापुर सराय सैफ बैशन पुरवा सहित तमाम ग्रामों में अवैध रूप से कच्ची शराब बनाई व बेची जा रही है।

जानकार बताते हैं कि इस धंधे से जुड़े कारोबारी शराब बनाने में यूरिया प्रतिबंधित इंजेक्शन  आक्सीटोशीन  तथा धतूरा डायजी पाम निट्राविट एल्प्राजोलम जैसी तमाम नशीली दवाएं नाम मात्र के महुआ व गन्ने की लदोई में मिला कर इतनी अधिक नशीली और जहरीली शराब तैयार करते हैं कि पीने वाला शराब पीते ही अपनी सुध-बुध खो देता है और झूमने लगता है।

सूत्र बताते हैं कि इस अवैध करोबार में केवल पुरुष ही नहीं उनके घरों के बच्चे व महिलाएं भी जुड़े हुए हैं और जब साल दो साल में एकाध बार पुलिस या आबकारी विभाग के द्वारा छापेमारी की भी जाती है तो पुरूष तो नौ दो ग्यारह हो जाते हैं और पुलिस के सामने महिलाएं एवं पुरूष आ जाते हैं और पुलिस चाहकर भी कार्यवाही नहीं कर पाती इसके पीछे जानकारी का यह कहना है कि यदि पुलिस महिला पुलिसकर्मी के साथ छापे मारी करके कारोबारियो के घर की गहन तलाशी करे तो हजारों लीटर अवैध कच्ची शराब बरामद होगी।

जबकि वास्तविकता यह है कि ग्राम बघौली जैसे ग्रामों में दलित वर्ग में घर घर अवैध रूप से कच्ची शराब बनाई व बेची जा रही है। ग्राम बघौली में शायद ही कोई ऐसा दलित का घर बाकी हो जहां कच्ची शराब न बनती हो। लेकिन थाना से मात्र चंद कदम की दूरी पर स्थित इस गांव में कभी भी छापामारी नहीं की जाती है।कमोबेश यही दशा ग्राम सिकलिक पुरवा की भी है।

लेकिन जिले का आबकारी विभाग और स्थानीय पुलिस प्रशासन हाथ पर हाथ धरे बैठा हुआ है। कमोबेश यही स्थिति समीपवर्ती थाना दरियाबाद क्षेत्र की है दरियाबाद थाना क्षेत्र के ग्राम भवनियापुर जटहा खत्रीपुर  बडनपुर सहित दर्जनों गांवों में अवैध कच्ची शराब का धंधा कुटीर उद्योग का रूप ले चुका है लेकिन क्या मजाल कि कोई पूछताच करने या छापामारी करने की जहमत उठा सके।

क्यो कि सूत्र बताते हैं कि इन अवैध कच्ची शराब के कारोबारियो के सिर पर सफेदपोश छुटभैये नेताओं का हाथ होता है और जब छापेमारी की कार्यवाही होती है तो राजनीति आड़े आ जाती है जिसका लाभ इस अवैध धंधे से जुड़े स कारोबारियो द्वारा बखूबी उठाया जा रहा है ।

लेकिन इसके बाबजूद टिकैतनगर व दरियाबाद थाना क्षेत्र में अवैध कच्ची शराब के कारोबारियो पर अंकुश नहीं लगाया जा रहा है और जिम्मेदार पुलिस प्रशासन तथा आबकारी विभाग के जिममेदार अधिकारी मौन साधे हुए हैं।

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