स्वतंत्र प्रभात की खबर का हुआ असर खंड शिक्षा अधिकारी ने की कार्यवाही

स्वतंत्र प्रभात की खबर का हुआ असर खंड शिक्षा अधिकारी ने की कार्यवाही

रिपोर्ट-शिवशंकर तिवारी

रामसनेहीघाट-बाराबंकी।


शासनादेश को दरकिनार करके प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में अटैचमेंट किए गए एक दर्जन शिक्षकों को समाचार प्रकाशन के बाद खंड शिक्षा अधिकारी ने अटैचमेंट निरस्त कर दिया।


बताते चलें कि शासन द्वारा 12 अक्टूबर 2018 को एक आदेश जारी करके प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों का अटैचमेंट ना करने के निर्देश दिया था,यही नहीं शासन द्वारा सभी खंड शिक्षा अधिकारियों से ब्लॉक क्षेत्र में अटैचमेंट ना होने का प्रमाण पत्र भी मांगा गया था इसके बावजूद बनीकोडर शिक्षा क्षेत्र अंतर्गत प्राथमिक विद्यालयों में खंड शिक्षा अधिकारी ने मनमानी करते हुए शिक्षकों का अटैचमेंट कर रखा था।

शासनादेश के विपरीत शिक्षकों का अटैचमेंट किए जाने का समाचार स्वतंत्र प्रभात ने गत शुक्रवार को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। खबर प्रकाशन के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया ।

जिलाधिकारी आदर्श शुक्ल के कड़े रवैये को देखते हुए खंड शिक्षा अधिकारी ने आनन-फानन में गुरुवार की देर शाम एक दर्जन शिक्षकों का अटैचमेंट निरस्त करके तत्काल अपने मूल विद्यालय पर सेवा देने का आदेश जारी कर दिया। इस आदेश के बाद पूर्णतया स्पष्ट हो गया कि खंड शिक्षा अधिकारी ने नियमों को ताक पर रखकर अध्यापकों की सुविधा के अनुसार उन्हें सुविधा उपलब्ध करा रखी थी ।


गुरुवार को सुनील कुमार ,राम सुफल, इशरत आलम ,दीपक कुमार ,विष्णु गोपाल, गिरिराज सिंह, तृप्ति, यास्मीन बानो ,अंकित तिवारी ,

जागृति सिंह तथा धर्मेंद्र कुमार का अटैचमेंट निरस्त करके तैनाती स्थल पर कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। आश्चर्य की बात तो यह है कि बनीकोडर शिक्षा क्षेत्र की व्यवस्था सुधरने का नाम नही ले रही है।

अभी दो माह पूर्व जिलाधिकारी आदर्श सिंह ने जब मुरारपुर स्थित प्राथमिक विद्यालय का निरीक्षण किया था तो सारी व्यवस्था की पोल खुलकर सामने आने से डीएम ने नाराजगी व्यक्त करते हुए एबीएसए को प्रतिकूल प्रविष्टि भी देने के निर्देश दिए थे।

उसके बाद भी व्यवस्था में सुधार ना होने के साथ ही शासन आदेशों का उल्लंघन किया जाना शिक्षा विभाग के अधिकारियों का शगल बन गया है।

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