आवारा पशुओं से हो रही हैं आये दिन सड़क दुर्घटनाएं जिम्मेदार मौन

आवारा पशुओं से हो रही हैं आये दिन सड़क दुर्घटनाएं जिम्मेदार मौन

रिपोर्ट-रागिनी दुबे

त्रिवेदीगंज बाराबंकी
नवनिर्मित लखनऊ बनारस नेशनल हाईवे इन दिनों छुट्टा गोवंशो की वजह से पूरी तरह रिस्क जोन में तब्दील हो गया है।

नेशनल हाईवे पर फर्राटा भर- रहे वाहनों को छुट्टा गोवंशो से गंभीर खतरा- पैदा हो गया है। जिसके चलते आए दिन तमाम वाहन दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं। हालात तो यह हैं, कि कभी - कभी  झुंड की शक्ल सामने आने से ये छुट्टा जानवर हाईवे की रफ्तार पर भी ब्रेक लगा देते हैं।

सरकार द्वारा पशु तस्करी के मामलों में पेंच कसे- जाने के बाद अचानक ही छुट्टा जानवरों की तादाद में भारी  इजाफा हो गया है। यह पशु पनाह के लिए हाईवे व दूसरे सड़क मार्गों की शरण ले रहे हैं। हाईवे के पनाहगाह में तब्दील होेने के बाद यहां से गुजरने वाले वाहनों की सुरक्षा में भी अब गंभीर खतरा पैदा हो गया है।

तो वही है इन छुट्टा जानवरों की वजह से आए दिन लोग लोग हादसे का शिकार होकर चोटिल हो रहे है। लेकिन अभी तक शासन- प्रशासन द्वारा इस ओर कोई आवश्यक कदम नहीं उठाए गए हैं।

इन छुट्टा जानवरों की वजह से यदि कोई बड़ा हादसा होता है, तो इसका जिम्मेदार कौन होगा यह बड़ा प्रश्न है। आवश्यकता है समय रहते प्रशासन द्वारा आवश्यक कदम उठाए जाने की जिससे किसी बड़े- हादसे बचा जा सके। 


वैसे तो इन छुट्टा जानवरों को लेकर सरकार द्वारा पशु आश्रय स्थलों का निर्माण कराया गया, लेकिन फिर भी छुट्टा गोवंशों की संख्या कम नहीं हुई।

बताते चलें इन दिनों लखनऊ बनारस- नेशनल हाईवे पर छुट्टा जानवरों की झुंड देखी जा रही है। जिसकी वजह तमाम लोग दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे है। हैदरगढ़ स्थिति टोल प्लाजा के पास तो सड़क पर इन छुट्टा जानवरों की भीड़ देखने को ही बनती है। जिसे देखकर लगता है हाईवे पूरी तरह जानवरों के लिए पनाह बन गया है।

कुछ दिन पूर्व हैदरगढ़ के चौबीसी गांव के पास स्ट्रीट लाइट न होने से तेज रफ्तार ट्रक ने लगभग 15 जानवरो को कुचलकर फरार हो गया था ।

इन छुट्टा जानवरो से रोड पर चलने वाले बाइक सवार अक्सर टकराकर चोटिल होते है लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि इन आवारा जानवरो की जिम्मेदारी कौन ले रहा है क्या मुख्यमंत्री की बाते सिर्फ हवा हवाई है । इन जानवरों को गौशाला में क्यों नही भेजा जा रहा है ये अपने आप में एक बड़ा प्रश्न है।

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