डायबिटीज से बचाव के लिए किया जागरूक

डायबिटीज से बचाव के लिए किया जागरूक

‌डायबिटिज से बचाव के लिए किया जागरूक,।

‌ इस विमारी से बचने के लिए सही दिनचर्या

‌खानपान और व्यायाम है।
‌तनाव भरी ज़िन्दगी बना रही है डायबिटिज के रोगी।

‌स्वतंत्रप्रभात।
‌प्रयागराज

‌  मधुमेह एक ऐसी बीमारी है जिससे रोगी के शरीर की क्षमता काफी क्षीण हो जाती है। इस बीमारी के रोकथाम एवं इसके प्रति आम जनमानस में जागरूकता लाने के लिए जनपद में निर्धारित थीम “फैमिली एंड डायबटिस” अंतर्गत विश्व मधुमेह दिवस पर गोष्ठी,  जांच शिविर का आयोजन किया गया |

‌बदलती जीवन शैली, खानपान में अनियमिता तनाव भरा जीवन कई तरह से हमारे लिए खतरा बन गया हैं ।

‌डायबिटिज एक ऐसी बीमारी है जिसमे शरीरिक क्षमता क्षीण होने लगती हैं और जिसकी वजह से हम कई सारी बीमारियों से जूझने लगते हैं | दिन दर दिन डायबिटिज के मरीजो की संख्या बढ़ रही हैं और इसमें बच्चे युवा भी शामिल होने लगे है |

‌एन.सी.डी. ( नान कम्युनिकेबल डीजीस ) सेल स्वास्थ्य विभाग द्वारा विश्व डायबिटिज दिवस पर जनपद में कई प्रकार के कार्यक्रमों के द्वारा लोगों की जाँच के साथ जागरूकता गोष्ठी की गयी | जिसमे हंडिया ब्लाक के 30 प्रधानाध्यापक को गोष्ठी के माध्यम से जागरूक किया गया जिसमे ये अपने साथ अपने स्कूलों में बच्चो अभिभावकों को भी इसकी जानकारी दे वही दूसरी ओर काल्विन मंडलीय चिकित्सालय में भी गोष्ठी का आयोजन किया गया | कंपनी गार्डन में प्रातः काल में डायबिटिज जाँच शिविर का आयोजन किया गया जिसमे 54 लोगो की जाँच की गयी वही दूसरी ओर काल्विन मंडलीय चिकित्सालय के  एन.सी.डी. ( नान कम्युनिकेबल डीजीस ) क्लीनिक में 154 लोगो की जाँच की गयी | जनपद के सभी हेल्थ एंड वेल्लंस सेंटर पर विश्व डायबिटिजक दिवस का आयोजन किया गया | साथ ही ए.एन.एम को डायबिटिजक के मरीज के स्क्रीनिग हेतु प्रशिक्षण दिया जा रहा है ताकि समुदाय में जाकर डायबिटिजक के मरीज को रोग के प्रति जागरूक कर सके | जनपद में आज विश्व डायबिटिजक दिवस पर 687 लोगो की गयी डायबिटिज की स्क्रिनिक की गयी |

‌नौशाद आलम फाइनेंस कम लोजिस्टिक कंसल्टेंट एन.सी.डी. ( नान कम्युनिकेबल डीजीस ) ने बताया कि आकड़ो की बात करे तो पिछले वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष डायबिटिजक के मरीज बढे हैं जिसमे युवा और बच्चे भी सामिल हैं | अप्रैल 2019 से अक्टूबर 2019 में 72100 लोगों की स्क्रीनिग की गयी जिसमे 14588 डायबिटिजक के मरीज मिले | जबकि गत वर्ष 2018-19 में 1 लाख 6 हज़ार 778 लोगों की स्क्रीनिग की गयी जिसमे 20200 डायबिटिजक के मरीज मिले |

‌प्रयागराज से दयाशंकर त्रिपाठी की रिपोर्ट।

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