फर्जी रसीद पर पैसा वसूलने वाला टीटीइ रंगे हाथ पकड़ा गया

फर्जी रसीद पर पैसा वसूलने वाला टीटीइ रंगे हाथ पकड़ा गया

 


फर्जी रसीद देने वालेटीटीई को रेलवे बोर्ड की टीम ने पकड़ा।

स्वतंत्र प्रभात।

प्रयागराज।

वाराणसी से इलाहाबाद के बीच फर्जी रसीद काट रहा था टीटीई

रेलवे बोर्ड की टीम ने वाराणसी से इलाहाबाद के मध्य तमाम ट्रेनों में फर्जी रसीद (ईएफटी) काट रहे पूर्वोत्तर रेलवे के एक टीटीई को रंगे हाथ पकड़ा है। पूर्वोत्तर रेलवे वाराणसी के इस टीटीई के पास से बोर्ड टीम ने तीन फर्जी रसीद बुक भी बरामद की।

अनुमान लगाया जा रहा है कि पूर्व में इस टीटीई द्वारा फर्जी रसीद के माध्यम से रेलवे को लाखों रुपये की चपत लगा दी। बोर्ड टीम ने पूर्वोत्तर रेलवे मुख्यालय को टीटीई के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा की है।

रेलवे बोर्ड के अफसरों को शिकायत मिली थी कि वाराणसी से इलाहाबाद के बीच तमाम ट्रेनों में पिछले दिनों फर्जी रसीद दी गई है। दरअसल ईएफटी रसीद टीटीई को रेलवे द्वारा दी जाती है। ताकि अगर कोई यात्री बिना टिकट है, या अनियमित टिकट के साथ यात्रा कर रहा है या बिना बुकिंग के माल ले जा रहा है,

तो उसकी रसीद काट कर जुर्माना या किराये का अंतर लिया जा सके। पूर्वोत्तर रेलवे में कार्यरत टीटीई विजय शंकर सिंह ने इस रसीद को खुद ही छपवा ली थी और उसी से यात्रियों की रसीद काटने लगा।

रेलवे बोर्ड के विशेष कार्यकारी अधिकारी मृदुल मित्तल तो यह सूचना मिली तो उन्होंने अपनी टीम दिल्ली से भेजी। टीम ने कई दिन वाराणसी एवं इलाहाबाद के बीच चलने वाली तमाम ट्रेनों पर अपनी नजर रखी। तीन दिन पहले गाड़ी संख्या 19064 दानापुर-उधना एक्सप्रेस में रात 11 बजे टीटीई द्वारा यात्रियों को ई एफ टी रसीद देकर पैसे लेते देखा।

रसीद की जांच की गई तो वह फर्जी निकली। टीम ने टीटीई को रंगे हाथ दबोच लिया। छानबीन में टीटीई विजय शंकर सिंह के पास से तीन फर्जी ई एफ टी पुस्तिकाएं बरामद की गईं। इसके माध्यम से यात्रियों से तकरीबन 44 हजार की अवैध वसूली की बात प्रारंभिक जांच में सामने आई।

पूछताछ में विजय शंकर सिंह ने कबूला कि वह फर्जी रसीद का उपयोग वाराणसी-इलाहाबाद खंड में रात के वक्त चलने वाली ट्रेनों में कर रहा था। दो दिन चली कार्यवाई के बाद रेलवे बोर्ड की सी टी सी एंटी फ्राड टीम ने अपनी रिपोर्ट में रंगे हाथ पकड़े गए टी टी ई के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की अनुशंसा रेलवे मुख्यालय को भेजी है। बताया जा रहा है कि विजय शंकर सिंह पर कई आपराधिक मुकद्दमे पहले से दर्ज हैं।

प्रयागराज से दया शंकर त्रिपाठी की रिपोर्ट

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