हसनगंज जिलाधिकारी व विधायक को प्रार्थना पत्र देने के बाद भी नहीं हुई कोई सुनवाई

हसनगंज जिलाधिकारी व विधायक को प्रार्थना पत्र देने के बाद भी नहीं हुई कोई सुनवाई

उन्नाव(हसनगंज)-

उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री चाहे लाख दावे कर ले भू माफिया सलाखों के पीछे होंगे, भ्रष्टाचार खत्म होगा, दबंग ग्राम प्रधानों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी,

प्रधानों की चुनाव के पहले की संपत्ति और चुनाव के बाद 5 सालों के अंदर की संपत्ति की जांच की जाएगी, विद्युत 24 घंटे में 20 घंटे विद्युत उपलब्ध की जाएगी, सडके गड्ढे मुक्त हो गी लेकिन धरातल पर कुछ ऐसा नजर नहीं आ रहा है।

सरकार ने तो आदेश दे दिया लेकिन सरकार का आदेश सिर्फ आदेश बनकर ही रह गया हमारे प्रधानमंत्री स्वच्छ भारत मिशन और डिजिटल इंडिया बनाने के लिए चोटी से लेकर एडी तक जोर लगाए हुए लेकिन कुछ भ्रष्ट अधिकारियों जनप्रतिनिधियों कर्मचारियों  प्रधानो के द्वारा प्रधानमंत्री का सपना स्वच्छ भारत मिशन एक सपना बनकर ही रह जाएगा।

आपको बताते हुए चलता हू एक ऐसे गांव की सड़क जो 15 वर्ष पूर्व जिला पंचायत द्वारा 2 किलोमीटर का डामरीकरण मार्ग निर्माण कराया गया था लेकिन अब वह पूरी तरह से जर्जर और भयंकर बड़े-बड़े गड्ढों में तब्दील नजर आ रहा है।

हसनगंज विकासखंड क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम सकतपुर से मियागंज जाने वाला मार्ग 15 वर्ष पूर्व जिला पंचायत द्वारा निर्माण कराया गया था मात्र 2 किलोमीटर मरोचा तक उसके आगे 2 किलोमीटर खड़ंजा मार्ग है जो मुख्य मार्ग संडीला उन्नाव मारग में संपर्क है

लेकिन अब यह मार्ग पूरी तरह से जर्जर और भयंकर खड्डा में तब्दील हो गया जिससे विद्यार्थियों को विद्यालय जाने वा ग्रामीणों क्षेत्रवासियों को प्रतिदिन आवागमन करने में बड़ी ही कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है इस मुख्य मार्ग पर दर्जनों गांव जुड़े हुए जो हादसों के शिकार आए दिन होते हैं विद्यार्थी छात्र-छात्राएं पैदल वा साइकिल से विद्यालय का आवागमन करती है

मार्ग दुरुस्त न होने से प्रतिदिन विद्यालय सही समय से पहुंचने में असमर्थ हो जाती हैं। ग्राम वा क्षेत्र वासियों ने मार्ग निर्माण संबंध में प्रार्थना पत्र कई बार जनप्रतिनिधियों  मौजूदा विधायक बंबा लाल दिवाकर जी को और जिला अधिकारी महोदय को दिया गया लेकिन अभी तक कोई भी मार्ग निर्माण संबंधी कार्रवाई और समाधान नहीं हुआ है ग्राम क्षेत्रवासियों का कहना है द्वितीय बार सांसद बनने के बाद भी साक्षी महाराज  के अभी तक हम लोग के क्षेत्र व गांव में दर्शन नहीं हुए हैं।

सोचने की बात तो यह कई बार प्रार्थना पत्र देने के  बाद भी केंद्र सरकार से लेकर राज्य सरकार और सांसद से लेकर विधायक जनप्रतिनिधियों का ध्यान क्यों नहीं जा रहा ऐसे क्षेत्र में जहां आवागमन करने के लिए दुरुस्त मार्ग नहीं है और जहां की जनता त्रस्त हैं विद्यार्थियों का विद्यालय पहुंचने में विलंबता होती है।

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