नागर विमानन कालेज में ही हिन्दी पखवाड़ा सम्पन्न

नागर विमानन कालेज में ही हिन्दी पखवाड़ा सम्पन्न

नागर विमानन प्रशिक्षण कॉलेज में हिन्दी पखवाड़ा का हुआ समापन।

‌स्वतंत्र प्रभात।

‌प्रयागराज।

‌नागर विमानन प्रशिक्षण कॉलेज में सोमवार को हिन्दी पखवाड़ा के समापन समारोह का आयोजन किया गया और इस अवसर पर कॉलेज के कार्यपालक निदेशक अतुल दीक्षित ने हिन्दी पखवाड़ा के दौरान आयोजित राजभाषा संबंधी विभिन्‍न प्रतियोगिताओं के विजेता प्रतिभागियों को पुरस्‍कार प्रदान कर उन्‍हें सम्‍मानित किया।

इस अवसर पर अपने संबोधन में कार्यपालक निदेशक अतुल दीक्षित ने विजेता प्रतिभागियों को बधाई देते हुए कहा कि हिन्‍दी हमारी राजभाषा है और कार्मिकों को अपना सरकारी कार्य राजभाषा हिन्‍दी में करने के लिए प्रेरित और प्रोत्‍साहित करने के उद्देश्‍य से ही प्रतिवर्ष हिन्दी पखवाड़ा का आयोजन किया जाता है और इस दौरान विभिन्‍न प्रकार के कार्यक्रमों एवं प्रतियोगिताओं के आयोजन के माध्‍यम से राजभाषा हिन्‍दी के प्रति सकारात्‍मक और उत्‍प्रेरक वातावरण का निर्माण कर कार्मिकों में राजभाषा हिन्‍दी में कार्य करने की सोच और मानसिकता विकसित करने का प्रयास किया जाता है ।

इसलिए इस पूरे आयोजन की सार्थकता तभी है जब हम सरकारी काम-काज में हिन्‍दी का प्रयोग बढ़ाएं । अपने कार्यालय में हिन्‍दी में हो रहे कामकाज पर प्रसन्‍नता व्‍यक्‍त करते हुए उन्‍होंने कहा कि भले ही हमारा हिन्‍दी पत्राचार  95 प्रतिशत से ज्‍यादा है लेकिन हमारा लक्ष्‍य शत-प्रतिशत का है और इसे प्राप्‍त करने के लिए हमें पूरा प्रयास करना है ।

विदित हो कि नागर विमानन प्रशिक्षण कॉलेज में  हिन्दी पखवाड़ा का आयोजन किया गया और इस दौरान टिप्‍पणी एवं प्रारूप लेखन, चित्र अभिव्‍यक्ति, अंग्रेजी-हिन्‍दी अनुवाद, निबंध लेखन, समूह “घ” के कर्मचारियों के लिए हिन्‍दी श्रुतलेख, हिन्‍दी भाषण, हिन्‍दी गायन व राजभाषा प्रश्‍नमंच समेत कुल 08 प्रतियोगिताओं का आयोजन हुआ जिसमें कार्यालय के कार्मिकों एवं प्रशिक्षणार्थियों ने खूब बढ-चढकर भाग लिया ।

‌इस अवसर पर वहाँ अमित गोयल,   संयुक्त महाप्रबंधक (वायु यातायात प्रबंधन)  समेत सभी विभागाध्‍यक्ष व अन्‍य कार्मिक उपस्थित रहे । समापन समारोह का संचालन देवकान्‍त पाण्‍डेय, सहायक प्रबंधक (राजभाषा) ने किया तथा आभार ज्ञापन श्री अमरेन्‍द्र कुमार चौधरी, वरिष्‍ठ प्रबंधक (राजभाषा) द्वारा किया गया ।

‌प्रयागराज से दया शंकर त्रिपाठी की रिपोर्ट।

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