प्रतापपुर ब्लाक में चलेगा नोटा का सोटा। विकाश से बंचित ग्रामीणों ने किया फैसला

प्रतापपुर ब्लाक में चलेगा नोटा का सोटा। विकाश से बंचित ग्रामीणों ने किया फैसला

रहनुमाओं ने वोटरों को दशकों से छला, अब चलेगा नोटा का सोंटा 

*दया शंकर त्रिपाठी*
 *प्रयागराज।* (स्वतंत्र प्रभात)

संसदीय सीट भदोही की प्रतापपुर विधानसभा के उत्तरी छोर पर स्थित आधा दर्जन गांवों की जन- प्रतिनिधियों द्वारा कई वर्षो से की जा रही उपेक्षा का दर्द इस चुनाव में शिद्दत से छलकने लगा है। आश्वासन की घुट्टी से बाज आए वोटरों ने अब नोटा के जरिए नेताओं का बहिष्कार कर सबक सिखाने का मन बनाया है। 


          लोकसभा क्षेत्र भदोही की  प्रतापपुर विधानसभा के उत्तरी छोर पर बसे तथा जौनपुर जनपद की सीमा से सटे सिंधौरा, मीरपुर, मल्हीपुर, सोरों इत्यादि गांवों की कई वर्षो से जनप्रतिनिधियों द्वारा अनदेखी की जा रही है जिसके कारण इस क्षेत्र की मूलभूत समस्याएं  सड़क, पानी, बिजली, शिक्षा, चिकित्सा जैसी आवश्यक सुविधाएं अब तक सुलभ नही हो सकी है। विकास का दंभ भरने  वाली राजनैतिक पार्टियों के चुने हुए सफेदपोशों ने इसकी अहर्निश उपेक्षा ही की है। क्षेत्र में राजकीय कन्या इंटर कालेज, लॉ कॉलेज, डिग्री कालेज, इंजीनियरिंग व मेडिकल कालेज के साथ ही कल-कारखानों के अभाव ने आजादी के बाद से ही यहां के सियासी रहनुमाओं के दावों की हवा निकाल कर रख दी है। यहां वायदों से ठगा गया मतदाता खासा आक्रोशित भी हैं इलाके में न कायदे की सड़कें हैं और न ही  पेयजल की सुचारु ब्यवस्था। इस जहालत भारी जिंदगी से आग-बबूला वोटरों ने आगामी 12 मई को होने वाले मतदान में सभी पार्टियों के प्रत्याशियों का बहिष्कार करते हुए नोटा का बटन दबाने का फैसला लिया है।

अलग-अलग पार्टियों के हुए सांसद, सभी ने की उपेक्षा 

लोगों का कहना है कि बसपा से सांसद रहे गोरखनाथ पांडेय को लोगों ने सांसद के रूप में सिर आंखों पर बिठाया किन्तु कार्यकाल के दौरान उन्होंने कभी भी उक्त गांवों को पीछे मुड़कर नहीं देखा। इसके बाद वर्ष 2014 में लोगों ने अपना एमपी बदलते हुए पुनः आस लगाई। यहां से भाजपा के वीरेंद्र सिंह 'मस्त' को प्रतिनिधित्व का मौका दिया किन्तु विनर होते ही उन्होंने भी वही उपेक्षा की ।

एमएलए की नजरें भी नही हुई इनायत 

प्रतापपुर के निर्वाचित जन-प्रतिनिधियों में विधायकों ने भी इस इलाके के साथ सौतेला ब्यवहार किया। सपा से निवर्तमान विधायक रहीं विजमा यादव और वर्तमान में बसपा के विधायक मुज्जतबा सिद्दीकी ने भी प्रतापपुर विधानसभा के इन सीमावर्ती गांवो की पूर्ववर्ती नेताओं की ही तरह घोर उपेक्षा की।

क्या कहते हैं स्थानीय मतदाता ? 

सिंधौरा गांव निवासी श्याम लाल विश्वकर्मा का कहना है कि जब  प्रत्यासी इन गांवों के लोगों की समस्याओं को नही समझेंगे तो हम लोगों भी इन प्रत्याशियों से कोई सरोकार नहीं, चाहें जिस पार्टी के हो। मीरपुर निवासी विनोद कुमार दुबे का कहना है कि कोई नेता इन गांवो में प्रवेश ही नहीं किया वह यहां की समस्याओं को कैसे समझेगा।

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