जल शक्ति संरछन पर कृषि गोष्ठी

जल शक्ति संरछन पर कृषि गोष्ठी
  • ‌जिलाधिकारी ने किसानों को जैविक खेती के बारे में विस्तार से बताया

स्वतंत्र प्रभात‌ प्रयागराज।
‌किसान भाई जागरूक होकर प्रगतिशील किसान बने तथा जैविक कृषि करें। खेतों के मेड पर सागौन के पेड लगाकर उसका संरक्षण करते हुए खेतों की भूमि के जल स्तर कोबनाए रखे।
‌उक्त बातें जिलाधिकारी प्रयागराज  भानुचन्द्र गोस्वामी ने सरकिट हाऊस के सभागार में आयोजित कृषि गोष्ठी में उपस्थित किसानों से कही।

जिलाधिकारी ने किसानों से कहा कि आधुनिक तकनीकों का प्रयोग करे। इसके साथ ही भूसा और पुवाल को खेतों में न जलाये। उन्होंने बताया कि भूसा और पुवाल को खेतों में जलाने से खेती के लिए उपयोगी जीवाणु मर जाते है, जिसका सीधा असर फसल पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि सरकार के द्वारा निराश्रित पशुओं के भरण-पोषण की योजनायें चलाये जा रही है। इसमे सहयोग करें।

इसके लिए भूसा और पुवाल को खेतों मे न जलाकर उसको गांव मे सुरक्षित रूप से एकत्रित किया जाय। जिससे कि  निराश्रित पशुओं का भरण-पोषण सुगम हो सके। उन्होंने कहा कि इस कार्य के लिए हमे जागरूक होकर एक जनआन्दोलन के रूप में  साकार करना है।‌जिलाधिकारी ने किसानों से कहा कि खेतों के मेड में सागौन के पेड लगाये जाय जिससे कि खेत में जल संचय पर्याप्त मात्रा में बना रहें। उन्होंने कहा कि लगाये गये पेड़ों का संरक्षण रखते हुए उन्हें जीवित रखा जाय।

‌प्रयागराज में जल शक्ति अभियान के अन्तर्गत कृषि प्रदर्शनी एवं कृषि विज्ञान मेला का जिलाधिकारी प्रयागराज के द्वारा शुभारम्भ किया गया।उन्होंने कृषि प्रदर्शनी में लगाये गये स्टालो को एक-एक करके देखा तथा स्टाल मे उपस्थित व्यक्तियों से योजनाओं की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि किसानों को सरकार के द्वारा चलायी जा रही योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करते हुए किसानों को जागरूक किया जाय।‌कृषि गोष्ठी में उपस्थित किसानों ने जिलाधिकारी से अपनी बाते रखी । जिलाधिकारी ने‌किसानों को जैविक खेती के बारे में विस्तार से बताया।‌इसके पूर्व  गोष्ठी में डॉ सत्येन्द्र नाथ, कृषि वैज्ञानिक, शुआट्स प्रयागराज, डा विक्रम सिंह, कृषि वैज्ञानिक, शुआट्स प्रयागराज, डा जीपीएम सिंह, कृषि वैज्ञानिक, कृषि विज्ञान केन्द्र, प्रयागराज तथा श्री शंशाक चैधरी, सहायक सचिव, जल शक्ति अभियान कार्यक्रम, भारत सरकार ने किसानों के समक्ष वर्षा जल संरक्षण एवं उसके लाभ, संरक्षित जल का कृषि में उपयोग, सूक्ष्म जल प्रबन्धन, जैविक खेती, जल शक्ति अभियान कार्यक्रम एवं सरकार की अपेक्षायें पर विस्तार से जानकारी दी।‌कृषि गोष्ठी में संयुक्त निदेशक कृषि श्री आर.बी. सिंह, उप निदेशक कृषि श्री विनोद कुमार, डीपीआरओ श्रीमती रेनू श्रीवास्तव, जिला कृषि अधिकारी श्री अश्वनी सिंह, जिला कृषि रक्षा अधिकारी श्री इन्द्रजीत यादव, पीडी  डीआरडीए श्री के.के. सिंह सहित सम्बन्धित अधिकारीगण उपस्थित थे।

 

उ.प्र. राज्य महिला आयोग ने सुनी पीड़ित महिलाओं की समस्यायें।

  • ‌थानों पर महिलाओं की शिकायतो का निस्तारण सुनिश्चितकिया जाय ।          
  • ‌पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए महिला आयोग कटिबद्ध।

‌स्वतंत्र प्रभात ‌प्रयागराज।        
सदस्य, उ.प्र. राज्य महिला आयोग  अनीता सिंह ने सर्किट हाऊस में पीड़ित महिलाओं की समस्यायें सुनी। उन्होंने सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देशित किया कि महिलाओं की शिकायतो को पूरी गम्भीरता से लिया जाय, इसमें किसी प्रकार की शिथिलता बिल्कुल  बर्दाश्त नही की जायेगी। उन्होंने कहा कि महिला जन सुनवाई में आने वाले शिकायती प्रकरणों के निस्तारण की मानिटरिंग सुनवाई के बाद नियमित रूप से आयोग के स्तर पर की जाती है इसलिए प्रकरणों को बेवजह लम्बित करने तथा पीडित महिलाओ को न्याय दिलाने में किसी प्रकार का विलम्ब कतई क्षम्य नही होगा।‌आयोग के सामने  सुशीला पत्नी स्व0 रामबरन यादव निवासी करिमुद्दीनपुर थाना नवाबगंज ने अपने साथ मारपीट करने की शिकायत की इसी प्रकार दहेज उत्पीड़न की शिकार महिला सुनीता कुमारी पुत्री स्व0 सीताराम निवासी राजरूपपुर के मामले में दहेज एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज करने के लिए सम्बन्धित थाने के अधिकारियों को निर्देशित किया।

एक अन्य प्रकरण में सुमन देवी पत्नी श्री अमरजीत निवासी गोड़वा थरवई ने शिकायत की कि दबंगों द्वारा उन्हें लगातार परेशान किया जा रहा है एवं जान से मारने की धमकी भी दी जा रही है लेकिन शिकायत करने पर भी कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है,  उन्होंने इस मामले पर तुरंत पुलिस कार्रवाई करने के निर्देश दिये। आरती कनौजिया निवासी बेली रोड ने शिकायत की कि समझौता हो जाने के बाद भी उनका पती उन्हें नहीं ले जा रहा है,  इस तरह महिला जनसुनवाई में लगभग दो दर्जन से अधिक मामले सुनवाई के लिए आये।सदस्य ने सम्बन्धित थाने के प्रभारी को निर्देशित किया कि दर्ज की गयी शिकायत की जांच करते हुए निस्तारण से अवगत करायें। इसी तरह अन्य पीडित महिलाओं की समस्याओं को सुना तथा सम्बन्धित थानों के प्रभारियों को निर्देशित किया।‌उन्होंने पूर्व की जनसुनवाई के प्रकरणों के निस्तारण की स्थिति देखी। उन्होंने उपस्थित थानो के प्रभारी अधिकारियों को निर्देशित किया कि महिलाओं की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर सुनें। उन्होंने कहा कि अगर कोई पीडित महिला थाने में अपनी शिकायत लेकर आती है तो उसकी पूरी समस्या को गम्भीरता से सुने तथा उस पर त्वरित कार्यवाही भी करें। उन्होंने कहा कि महिलाओ की समस्याओं को त्वरित निस्तारण कराने के लिए उ.प्र. राज्य महिला आयोग पूरी तरह से कटिबद्ध है। इसके साथ ही थानों पर ही महिलाओं की समस्यायें निस्तारित करने पर उन्होंने जोर दिया और कहा कि महिलाओं की समस्यायें थानो पर ही समाधान होने पर महिलाओं को इधर-उधर भटकने की आवश्यकता ही नही पड़ेगी।

प्रयागराज से दया शंकर त्रिपाठी

 

 

 

 

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