प्याज के लिए देश और प्रदेश में मची है त्राहि-त्राहि महिलाएं कर रही हैं अपने रसोई घर से बेदखल । शाहीन बेगम 

प्याज के लिए देश और प्रदेश में मची है त्राहि-त्राहि महिलाएं कर रही हैं अपने रसोई घर से बेदखल । शाहीन बेगम 

  उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के तहसील बख्शी का तालाब क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली ग्रामीण क्षेत्र की बाजारों में प्याज के महंगे होते हुए दामों पर अंकुश लगाने की मांग करती हैं क्षेत्र की ग्रामीण महिलाएं क्योंकि बाजारों से खरीददारी साग सब्जी के लिए अधिकतर मात्रा में महिलाएं ही लेने जाती हैं लेकिन जिस तरह से क्षेत्र की छोटी बड़ी बाजारों में प्याज के बढ़ते दामों को आसमान से छूते हुए महंगाई रसोई घरों से प्याज की रौनक खत्म होती दिखाई दे रही है क्योंकि ग्रामीण क्षेत्र होने के नाते किसानों के घरों में यदि किसी समय सब्जी नहीं है तो फिर किसान गरीब मजदूर प्याज और नमक के साथ रोटी खाकर ठंडा पानी पी कर अपनी भूख को मिटा लेता है

लेकिन एक सौ तीस से₹140 रुपए पार कर गई प्याज क्षेत्र की महिलाएं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांग करती हैं कि प्रदेश की जो बड़ी-बड़ी मंडियां है वहां पर थोक व्यापारियों ने प्याज का स्टॉक कर रखा है उन व्यापारियों के यहां छापेमारी होनी चाहिए क्योंकि सरकार की छवि को धूमिल करने वाले इन प्याज व्यापारियों एवं आढतियां के गोदामों में प्याज बंपर भरी पड़ी है उसको महंगे दामों में बेचने की नियत से प्याज का भंडारण कर रखा है किसानों ने तो हमेशा से अपनी फसल को उपज के दामों से भी कम पर बेचा लेकिन ये बिचौलियों ने किसानों का हमेशा दोहन किया है पूर्व पार्षद नीति आयोग की सदस्य शाहीन बेगम ने कहा कि प्याज की

बढ़ती हुई दरों को संतुलित करने का उपाय सरकार के पास है लेकिन व्यापारियों और भंडारण कर्ताओं के खिलाफ सरकार कोई कार्रवाई नहीं करना चाहती है इसलिए आज किसान नौजवान मजदूर तबके एवं गरीबों की रसोई से दूर होती प्याज सबके आंखों में आंसू ला दिए हैं अभी कुछ दिनों के बाद किसानों के खेतों में प्याज पैदा होगी तो फिर किसान अपनी फसल भेजने के लिए इधर उधर मंडियों के चक्कर लगाएंगे और फिर औने पौने दामों में बड़े व्यापारी खरीद कर भंडारण करेंगे फिर वह प्याज की कीमत इन्हीं किसानों नौजवानों मजदूरों और गरीबों से वसूल करेंगे

 

Comments