अदानी अंबानी नीरव मोदी चौकसी माल्या का चौकीदार है मोदी :राहुल गांधी

अदानी अंबानी नीरव मोदी चौकसी माल्या का चौकीदार है मोदी :राहुल गांधी

गठबंधन के प्रत्याशी के सपोर्ट में दिए गए राहुल गांधी के चुनावी भाषण के कुछ अंश

गया बिहार /राहुल गांधी के 2019 के चुनावी भाषण का बढ़ता क्रम और आत्मविश्वास को देखते हुए बहुत सारे कयास, देश में लगाए जा रहे हैं. राहुल गांधी के गया जिले के भाषण में वह आत्मविश्वास देखने को मिल रहा था जिसे देश को आज जरूरत है. अपनी गठबंधन के प्रत्याशी के सपोर्ट में दिए गए बिहार के गया में भाषण को देखा जाए तो एक नए राहुल गांधी को बिहार देख रहा था. 

बिहार के गया में लाखों की भीड़ को संबोधित करते हुए अपने दिए गए भाषण में देश के पूंजी पतियों को जमकर लताड़ा और यह विश्वास भी दिलाया कि इनके जेबों से पैसे निकाल, मैं देश के किसान मजदूर बेरोजगार युवा और गरीबों तक पहुंचा दूंगा. चुकी देश का चौकीदार देश के मां बहनों तक के पैसों को घर से निकलवा बैंक के लाइनों में लगवा दिया और कमरे के एसी में बैठे अपने पूंजीपति मित्रों को मुनाफा भी पहुचाया, बीच-बीच में उन्होंने यह भी याद दिलाया कि मैं मोदी नहीं हूं. 

राहुल न्याय देने जैसे बातों पर ज्यादा जोर डाल रहे थे उन्होंने अपने भाषण में कहा मैं मोदी नहीं हूं जो आपको जुमला सुनाने आया हूं कोई गलत बात आज कह कर नहीं जाऊंगा जो न्याय व्यवस्था की वह बात कर रहे थे उसमें वह देश की जनता को 72 हजार की संख्या या यूं कह लें ₹72000 साल देश की गरीब जनता को देकर एक ऐसी व्यवस्था देना चाह रहे हैं जिसमें हर 12000 से कम की कमाई करने वाला युवा बेरोजगार गरीब किसान और दुकानदार अपनी जिंदगी की परेशानियों को कम कर के नए भारत को बनाने में मदद कर सके. 

अदानी अंबानी मेहुल माल्या मोदी जैसे लोगों का चौकीदार, इनके कर्ज माफ कर सकता है तो क्या मैं आपके जीवन को संवारने के लिए न्याय नहीं दिला सकता. आप देश की जनता अपना बिजनेस करें किसी की परमिशन की कोई आवश्यकता नहीं जब आपके पास 30 40 लोग काम करने लगे तब सरकार के पास 3 वर्ष बाद आप आएं. 

राहुल गांधी ने आगे कहा कि हम देश में दो हिंदुस्तान नहीं बनने देंगे जिसमें एक देश गरीब किसान मजदूर बेरोजगार लचारों का हो और दूसरा मोदी अडानी अंबानी मेहुल माल्या जैसे लोगों का हो. देश का संसद एक है देश का प्रधानमंत्री भी एक होगा. देश में जीएसटी नोटबंदी जैसे व्यवस्था से देश  परेशानियां झेल रहा था जो अब आगे नहीं होगा. 

देश का किसान बब्बर शेर है जो देश को अनाज देता है उसकी जिंदगी अब बैंक लोन कर्ज के बोझ से नहीं दबेगा, लोन नहीं दे पाने पर नहीं जाना होगा किसानों को जेल. खुद के विश्वास में राहुल गांधी जनता को भी भली-भांति विश्वास दिला रहे थे उन्होंने जिस तरह पीएम मोदी को आड़े हाथों लेकर 20000000 नौकरी 1500000 बैंकों में जैसे सवालों को भरी जनसभा के बीच, पिछले 5 सालों की मोदी की नाकामयाबीयों को गिना रहे थे और जिस तरह चौकीदार कहने पर वहां की जनता चोर है चोर है की बात कह रही थी वह भी कहीं ना कहीं यही इंगित कर रहा था कि इस मौजूदा सरकार से लोग खासा नाराज दिख रहे हैं. 

राहुल गांधी बिहार की जनता को बता रहे थे कि गरीबों किसानों मजदूरों बेरोजगारों को चौकीदार की जरूरत नहीं होती, ना ही उनके दरवाजों पर चौकीदार की जरूरत है. चौकीदार तो बड़े बड़े पूंजीपतियों के दरवाजों पर होते हैं. मोदी पर व्यंग कसते हुए उन्होंने कहा कि पहले कहते थे देश की जनता मैं चौकीदार बनना चाहता हूं मुझे चौकीदार बनकर देश के लिए काम करना है और देश की जनता विश्वास भी कर ली लेकिन चौकीदार तो अंबानी अडानी मेहुल चौकसी मोदी माल्या जैसे लोगों का चौकीदार बन बैठा है. देश की जनता का पैसा लूट इन पूंजीपतियों के जेब में भरने का कार्य भी इस सरकार ने किया है. उद्योग धंधों और देश की अर्थव्यवस्था को मिट्टी में मिलाने का कार्य इस सरकार में पिछले 5 सालों में देश की जनता ने देखा है. 

पिछले 45 वर्षों में पहली बार देश में बेरोजगारी का ग्राफ इतना निचले स्तर पर आ चुका है कि बिहार के युवा अगर रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में जाते हैं तो वहां बिहार के युवाओं को मार कर भगाया जाता है इससे बुरा और क्या हो सकता है. उन्होंने कहा कि 2019 कि सरकार अगर हमारी बनती है तो अब बिहार का युवा खुद का बिजनेस शुरू कर जब बिजनेस स्टैंड कर जाए तो 3 वर्ष बाद सरकार के पास आएगी उससे पहले कोई परमिशन की जरूरत नहीं पड़ेगी. न्याय योजना गरीबी हटाने में मदद करेगी 2019 की सरकार बनने के बाद सबसे पहले इन्हीं पहलुओं पर कार्य होगा और खातों में ₹72000 दिए जाएंगे. खैर अब देखना यह होगा राहुल गांधी पर देश की युवा किसान बेरोजगार गरीब कितना विश्वास करता है या पिछले बार की तरह मोदी महिमा में ही देश की जनता ज्यादा विश्वास करती है. 

 

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