रामजन्म की लीला देख कर दर्शक हुए भावविभोर

रामजन्म की लीला देख कर दर्शक हुए भावविभोर

रिपोर्ट-राकेश पाठक

हैदरगढ़ बाराबंकी।


राम जन्म की लीला देख कर दर्शकों ने जय श्रीराम के नारे लगाए राम जन्म का मंचन व झांकी देख कर लोगों ने आरती पूजन किया चतुर्भुज रूप देखकर भगवान के सभी लोगों ने हाथ जोड़कर की प्रार्थना।

हैदरगढ़ की प्रख्यात 120 वर्ष पुरानी रामलीला के दूसरे दिन रामलीला कोठी में मनु शतरूपा तप पृथ्वी शोक राम जन्म की लीलाओं का मंचन क्षेत्रीय कलाकारों द्वारा किया गया।

राम जन्म की लीला में राजा दशरथ के कोई पुत्र नहीं था पुत्र प्राप्ति के लिए यज्ञ किया यज्ञ देव ने प्रसाद के रूप में दिए गए खीर को तीनों रानियों में बांटने को कहा

प्रसाद खाने से तीनों रानियों को राजा दशरथ के चार पुत्र हुए राम जन्म की झांकी को कलाकारों द्वारा बहुत ही अच्छे ढंग से प्रस्तुत किया गया।

भगवान राम का चतुर्भुज रूप देखकर उपस्थित दर्शकों ने भगवान राम की स्तुति की तथा आरती पूजन किया इसके उपरांत राजा दशरथ के गुरुकुल वशिष्ठ ने चारों पुत्रों का नामकरण किया सबसे बड़े पुत्र का नाम भगवान राम

लक्ष्मण व भरत शत्रुघ्न रखा गया आज की लीला कलाकारों ने बहुत ही अच्छे ढंग से प्रस्तुत की जिसकी सभी लोगों ने सराहना की कल रामलीला कोठी में तीसरे दिन विश्वामित्र आगमन ताड़का वध व अहिल्या उद्धार की लीला का मंचन किया जाएगा।

 

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