रामसनेही घाट क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था रही चाक चौबंद

रामसनेही घाट क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था रही चाक चौबंद

जिला ब्यूरो चीफ प्रवीण तिवारी के साथ शिवशंकर तिवारी की रिपोर्ट


रामसनेहीघाट-बाराबंकी।
शुक्रवार की देर शाम अयोध्या मामले में फ़ैसला आने की खबरों के आने के बाद से लोगों में बढ़ रही उत्सुकता फैसला आने के तत्काल बाद समाप्त हो गई। पूरे क्षेत्र में अमन चैन व सौहार्दपूर्ण माहौल होने के कारण अधिकारियों ने राहत की सांस ली।


शुक्रवार की देर शाम रेडियो और टेलीविजन सहित विभिन्न माध्यमों से शनिवार को सुबह राम मंदिर पर आने वाले फैसले को देखते हुए क्षेत्र में अमन चैन बनाए रखने के लिए पुलिस और राजस्व प्रशासन जुट गया।

शुक्रवार की देर रात करीब 11:30 बजे रामसनेहीघाट कोतवाली निरीक्षक आलोक मणि त्रिपाठी ने लखनऊ अयोध्या राजमार्ग पर बाराबंकी अयोध्या बॉर्डर पर बैरिकेडिंग करके वाहनों की तलाशी शुरू करा दी।

लेकिन धीरे धीरे सुबह तक मामला पूरी तरह से शांत हो गया। यहां तक कि वेरीकेटिंग भी हटा दी गई। सुबह करीब 8 बजे अचानक फिर सरगर्मी बढ़ी और थाने में 5 दर्जन से अधिक पुलिसकर्मियों से वार्ता करके श्री त्रिपाठी ने जरूरी दिशा निर्देश दिए।

थोड़ी देर बाद ही अपर पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार शर्मा भी भिटरिया चौराहे पहुंचकर माहौल का जायजा लेते दिखे। जैसे-जैसे फैसले की घड़ी नजदीक आती जा रही थी।

सभी के दिल की धड़कनें बढ़ रही थी, करीब 10 बजे एक बार फिर बॉर्डर पर अपर पुलिस अधीक्षक अशोक शर्मा, पुलिस उपाधीक्षक पवन कुमार गौतम, उप जिला अधिकारी राजीव कुमार शुक्ला, निरीक्षक आलोक मणि त्रिपाठी, भारी पुलिस बल के साथ बॉर्डर पर चहल कदमी करते नजर आए करीब आधे घंटे तक सभी अधिकारीगण वहां जमा रहे लेकिन जैसे ही फैसला आया अधिकारीगण चंद पुलिसकर्मियों को बॉर्डर पर एहतियात के लिए छोड़कर अन्य जगहों के लिए रवाना हो गए।

दोपहर में जिलाधिकारी आदर्श सिंह ने पुलिस अधीक्षक आकाश तोमर के साथ क्षेत्र का भ्रमण करके शांति व्यवस्था का जायजा लिया।

पूरे क्षेत्र से कहीं भी किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना ना होने तथा सभी जगहों पर शांति एवं सद्भाव की सूचना से अधिकारियों ने राहत की सांस ली।

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