एससी एसटी एक्ट के विरोध में स्वर्ण समाज उतरा सड़कों पर

एससी एसटी एक्ट के विरोध में स्वर्ण समाज उतरा सड़कों पर। पूरे भारत मे जगह जगह हुए विरोध प्रदर्शन, प्रदर्शनकारियों ने रेल रोककर, पुतला दहन कर व जुलूस निकाल कर किया विरोध।

रिपोर्ट:- बाबू सिहं जादौंन 

देश के अलग-अलग राज्यों में सवर्ण संगठनों के भारत बंद का व्यापक असर दिखा। बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, यूपी समेत कई राज्यों में जमकर प्रदर्शन किया गया जबकि बिहार में कई जगह आगजनी  की गई। महाराष्ट्र, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड में बंद का मिलाजुला असर देखने को मिला।

कई जगहों पर ट्रेन को भी रोकने की कोशिश हुई। हालांकि कई राज्यों में प्रशासन ने पहले से ही धारा 144 लागू कर रखी थी। कई स्थानों में सवर्ण समाज ने बाल मुड़वाकर भी अपना विरोध दर्ज कराया। महाराष्ट्र के ठाणे में भी सवर्ण समुदाय के लोगों ने सड़क पर उतरकर विरोध-प्रदर्शन किया।

आपको बता दें कि केंद्र की मोदी सरकार द्वारा सुप्रीम कोर्ट के फैसले को पलटते हुए एससी-एसटी एक्ट में संशोधन कर मूल स्वरूप में बहाल करने पर पूरे देश में कई सवर्ण संगठनों ने भारत बंद बुलाया था। सवर्ण समाज को केंद्र सरकार के इस फैसले से आपत्ति है। 


मध्य प्रदेश के आईजी लॉ एंड ऑर्डर मकरंद देवसकर ने कहा कि सवर्णों का भारत बंद व्यापक स्तर पर शांतिपूर्ण रहा। सिर्फ कुछ जगहों पर मामूली घटनाएं देखने को मिलीं। हालात धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं, अशोक नगर, गुना, भिंड और सतना में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा।

मकरंद देवसकर ने बताया कि गुना में आंसू गैस के गोले दागने पड़े और कुछ लोगों को गिरफ्तार किया गया। उन्होंने बताया कि प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार किए गए लोगों को रिहा किया जा रहा है। अशोक नगर और रीवा में कुछ लोगों ने ट्रेन को भी रोकने की कोशिश की। कुछ लोगों ने जबरन कंट्रोल रूम में भी घुसने की कोशिश की, लेकिन उनको रोक लिया गया।

उत्तर प्रदेश में कहीं हवन तो कहीं तोड़फोड़

भारत बंद के दौरान ट्रेन रोककर प्रदर्शन करते सवर्ण समाज के लोग।
उत्तर प्रदेश के नोएडा में सवर्णों के समूहों ने विरोध प्रदर्शन किया।
इस दौरान लोग काली पट्टी बांध सड़कों पर उतरे और सरकार विरोधी नारे लगाए। साथ ही यूपी के आगरा में भारत बंद के दौरान आगरा में बाजार पूरी तरह से बंद रहे। पेट्रोल पंप तक नहीं खुले। इस दौरान कई जगह हिंसा हुई। आगरा में पुलिस व प्रदर्शनकारियों में हुई झड़प में लोगो की भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस कर्मी मैदान छोड़ कर भाग गये।

खंदौली में अलीगढ़ रोड पर बंद समर्थकों ने गाड़ियों में तोड़फोड़ की। पुलिस ने रोका तो पथराव कर दिया। पुलिस ने लाठीचार्ज कर उन्हें खदेड़ा।

मथुरा वृृंदावन में मथुरा में मंडी गेट पर ताला डाला, व्यापारियों ने अर्द्धनग्न होकर प्रदर्शन किया।

मथुरा जिले में सुबह बाजार सामान्य रूप से खुला। दस बजे सवर्ण वर्ग के लोग सड़कों पर आ गए। इसके बाद तो लोगों ने स्वत ही बाजार बंद कर लिया। बाजार बंद होने की खबर पर पुलिस भी अलर्ट हो गई। बाजारों में पुलिस गश्त कर रही है। उधर वृंदावन में भी आंदोलन की चिंगारी सुलगने लगी है। यहां प्रतिदिन बाजार सुबह नौ बजे तक खुल जाता था लेकिन गुरुवार को खबर लिखे जाने तक दुकानें बंद थीं।

व्यापारियों ने अनाज मंडी में ताला डाल दिया। यहां व्यापारियों ने अर्द्धनग्न होकर प्रदर्शन किया और केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

 

राधाकुंड में एससी-एसटी एक्ट के विरोध में सवर्ण वर्ग के लोगों ने गुरुवार को राधाकुंड का समूचा बाजार बंद कर विरोध प्रदर्शन किया। हाथ मे प्रधानमंत्री के पुतला को लेकर नगर भ्रमण कर राधाकुंड ऑटो स्टैंड पर प्रधान मंत्री का पुतला फूंका और भाजपा सरकार के खिलाफ नारेवाजी कर रोष जताया। वहीं राधाकुंड चौकी पुलिस ने विरोध करने वाले लोगों को शांत कराया।

– इन्होंने किया विरोध प्रदर्शन

संदीप कौशिक, चंदू शर्मा, अमित गोस्वामी, मोहनी कौशिक ,भुवनेश शर्मा, दीनू भरे, कान्हा गोस्वामी, विष्णु गोस्वामी, लतेस शर्मा, पीयूष कौशिक, चंदू खंडेलवाल, हेमंत खंडेलवाल, हरीश कौशिक, लव कुश चौधरी, दुर्गा शुक्ला, कन्हैया कटारा, विजय कौशिक, आदि मौजूद रहे।

निकल पड़ा अब वो लावा, जो धधक रहा था सालों से।

अबकी बार पड़ा है पाला, असली माई के लालों से।।

बल्देव में रहा अभूतपूर्व बंद
बल्देव-एससी एसटी एक्ट में संशोधन कर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को पलटने वाले सरकार के कदम के विरोध में स्थानीय व्यापारियों ने बल्देव के समस्त बाजार बंद कर अपना विरोध दर्ज कराया ।बल्देव की एक एक दुकान आज पहली बार बंद रही।
सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर जगह जगह पुलिस बल तैनात रहा।
व्यापारियों व सवर्णों ने सरकार से एक्ट को वापस लेने की मांग की ।लोगों को मानना है कि एक्ट का अब दुरुपयोग होगा।
एक्ट के विरोध में बल्देव आज अभूतपूर्व बंद रहा।ग्रामीण अंचलों से खरीददारी करने बल्देव आये लोग भी बाजार बंद देखकर अचंभित रह गए।

गोवर्धन में बंद शांति पूर्ण रहा बाजार बंद पूरी तरह से बंद रहे। दोपहर तक बाजार बंद रहे।

कोतवाली छाता के गांव अकबरपुर में ग्रामीणों ने एससी एसटी एक्ट के विरोध में हाईवे जामकर विरोध प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने जमकर नारेबाजी की व प्रसाशन मुर्दाबाद के नारे लगाये। ग्रामीणों ने करीब आधे घण्टे तक हाईवे जाम रखा।
प्रदर्शनकारी राजपूत एकता जिंदाबाद, प्रसाशन मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए
एससी एसटी एक्ट का विरोध कर रहे थे। उन्होंने विसंगतियों के साथ लागू आरक्षण का भी विरोध किया।
प्रदर्शन करने वालों में

योगेश अग्रवाल, शिवजी ,मानू, दीनदयाल सिसोदिया ,सत्यवीर मुकेश ,के के सिंह ,नरेन्द्र सिंह, भरत सिसोदिया ,राहुल , ठाकुर सुनील ,नेनु , ललित, कान्हा , दीपु आदि थे

मथुरा में सिविल लाइंस का इलाका छोड़कर बाकी जगह बाजार रोज की तरह से ही खुले रहे। कई जगह पुतले फूंके गए, हालांकि पुलिस प्रशासन सतर्क रहा।

फिरोजाबाद में सवर्ण संगठनों ने जमकर हल्ला बोला। काली पट्टी बांधकर जुलूस निकाले और बाजार बंद कराया। एक्ट की अर्थी निकालकर पुतला दहन किया गया। आंदोलनकारियों की पुलिस से झड़प भी हुई। सवर्ण महासभा ने सरकार की बुद्धि-शुद्धि के लिए हवन-यज्ञ किया।

एटा में जीटी रोड पर लगाया जाम। इसके बाद अगर कोई दुकानदार अपनी दुकान खोलते हुए मिला तो उसे बंद कराया। एससीएसटी आयोग के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. रामशंकर कठेरिया का पुतला फूंका। अवागढ़ में बाइक रैली निकाली गई।

कासगंज में एवं आस-पास के कस्बों में भारत बंद के दौरान एससी-एसटी एक्ट के संशोधन के विरोध को लेकर अभूतपूर्व बाजार बंदी रही। लोगों ने जुलूस निकाले, धरना दिया। सरकार और पीएम के विरोध में नारेबाजी करते हुए ज्ञापन सौंपा।

मैनपुरी में सवर्ण संगठनों ने सड़कों पर उतरकर जमकर प्रदर्शन किया। इस दौरान जिल के प्रमुख बाजार बंद रहे। वहीं, करणी सेना ने शहर में जुलूस निकालकर बाजार बंद कराए।

 

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