पुवायाँ में संस्कार भारती द्वारा आयोजित कवि सम्मेलन में कवियों ने बहायी काव्य की गंगा

पुवायाँ में संस्कार भारती द्वारा आयोजित कवि सम्मेलन में कवियों ने बहायी काव्य की गंगा

सरकार निकम्मी है और शर्मसार हूँ मैं, बेरोजगार हूँ मैं बेरोज़गार हूँ मैं
पुवायाँ में संस्कार भारती द्वारा आयोजित कवि सम्मेलन में कवियों ने बहायी काव्य की गंगा
देर रात तक डटे रहे सुधी श्रोताओं ने बजाईं जोरदार तालियाँ

पुवायाँ,शाहजहाँपुर-

संस्कार भारती की ओर से शनिवार को विद्या मंदिर में कवि सम्मेलन एवं अलंकरण समारोह का आयोजन किया गया कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि नगर पालिका के पूर्व चेयरमैन डॉक्टर सुधीर गुप्ता ने किया।

कार्यक्रम  का शुभारंभ देश के  सुप्रसिद्ध कवि अनूप मिश्र तेजस्वी की वाणी वंदना से हुआ ।
विशिष्ट अतिथि के रूप में विहिप के प्रांतीय मंत्री राजीव सिंह और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला कार्यवाह  नरेंद्र शुक्ला एडवोकेट  रहे कार्यक्रम से पूर्व भाजपा के नवनियुक्त नगर मंडल अध्यक्ष महेश गुप्ता को राष्ट्रवादी युवा कवि  प्रदीप वैरागी ने और युवा नेता मुनेश मिश्रा ने ग्रामीण मंडल अध्यक्ष विपिन शुक्ला को माल्यार्पण और शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का संचालन शाहजहांपुर के चर्चित युवा कवि अभिषेक औदिच्य ने किया।
कार्यक्रम में सभी कवियों को नगर पालिका के पूर्व चेयरमैन डॉक्टर सुधीर गुप्ता की ओर से विशेष रुप से सम्मानित किया गया।
लखीमपुर से पधारे चर्चित कवि एवं गीतकार राघव शुक्ला ने कहा इतनी भोली न उसको झूठ- सांच आया है। सीधी गिनती गिने न तीन पाँच आया है।
मेरे तलवों के नीचे उसने हथेली रख दी, जब भी पैरों के नीचे कोई काँच आया है।


जलालाबाद से पधारी युवा कवयित्री डॉ मेधा शर्मा ने कहा, "मज़हब कोई ऐसा भी चलाया जाए,
जिसमें इंसान को इंसान बनाया जाए!
जलालाबाद से पधारे चर्चित युवा कवि एवं दोहा कार विवेक राज ने कहा,
" कुंठा कटुता कुटिलता  घृणा द्वंद अन्याय ।
इस जीवन को लग गई जाने किसकी हाय।।"
तिलहर से पधारे चर्चित युवा हस्ताक्षर सुधीर हिंदुस्तानी ने पढ़ा ,
"सरकार निकम्मी है और शर्मसार हूँ मैं,
बेरोजगार हूँ मैं बेरोजगार हूँ मैं।
संस्कार भारती के जिला संयोजक और ओज़ के सशक्त उभरते सितारे ललित हरी मिश्र ने हैदराबाद में हुई डॉ प्रियंका रेड्डी की निर्दयता पूर्वक हत्या पर आक्रोश व्यक्त करते हुए कुछ यूँ कहा ,
" हैं  नीड यहाँ पर बने हुए गिरती बिजली की लाली में।
चिड़िया कैसे बच पाएगी इन गिद्धों की रखवाली में।
देहरादून से पधारे चर्चित युवा गीतकार सुबोध बाजपेई ने कहा," 
जो भजे श्याम गोकर्ण हो जाएगा।
साध ले स्वयं को कर्ण हो जाएगा।। दोस्तों जिंदगी का नियम सीख लो,
जो तपेगा वही स्वर्ण हो जाएगा।।
शाहजहांपुर के उभरते कुशल मंच संचालक  अभिषेक औदीच्य ने कहा,
" सूरज अस्त नहीं होता है धरती पीठ दिखा देती है।
इसकी यह कर्तव्यनिष्ठता पलना हमें सिखा देती है।।

देश के सुप्रसिद्ध कवि दादा रामबाबू शुक्ल ने कहा सत्य को सत्य लिख दिया करते ।फिकर ए अंजाम कब किया करते।
कल़म बेख़ौफ होके चलती है ,कवि डर -डर के कब जिया करते।।
देश के  वरिष्ठ कालजयी रचनाकार  अनूप मिश्र  तेजस्वी ने कहा ,
"राह सच्चाई यहांँ  भूली मिली है।झूठ की बगिया फली- फूली मिली है ।।
ताज गद्दारों के माथे पर सजा है,
देशभक्तों को सदा सूली मिली है।।
भारत माता की गौरव गाथा का साहित्य साधना के माध्यम से संपूर्ण देश में बखान करने वाले सुप्रसिद्ध साहित्य मार्तंड अरविंद पंडित ने कहा,
" बहते दरिया सी जिसमें ना रही रवानी  है ।
कब  भला दुनिया में उसकी रही दिवानी है।।
वतन के वास्ते जो मिटने को तैयार नहीं,
उसको धिक्कार है ऐसी भी क्या जवानी है?
डॉ प्रशांत मिश्र ने डॉ प्रियंका रेड्डी की निर्मम हत्या पर आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा,
" पंखों को नोच फेंक दी जाती हैं तितलियांँ।
बेरहमी से ही मार दी जाती हैं हिरनियाँ।।
राधा जी सीता जी के देश में क्या हो रहा?
मरती हैं इक जन्म में कई बार बेटियाँ।।
नवोदित रचनाकार आयुष मिश्रा ने कहा ,
"आन, मान, शान ,अभिमान बेटियाँ हैं।
लक्ष्मी दुर्गा का वरदान बेटियां ही हैं ।
ढूंढते हो मंदिरों में मस्जिदों में देवता को ,
किंतु घर में भगवान बेटियां ही हैं।।
नवोदित रचनाकार आनंद शुक्ला ने कहा प्रेम की गाथा सदियों पुरानी हूं मैं ,
धैर्य की एक अद्भुत निशानी हूं मैं।।
  नवोदित रचनाकार परिषेक  मिश्रा ने कहा ,
"काकोरी नामक घटना की मैं तुमको याद दिलाता हूँ।
रोशन अशफा़क और बिस्मिल की जय जयकार लगाता हूँ।।
नवोदित रचनाकार हिमांशु शुक्ला ने  कहा, " अल्फाज ए मोहब्बत से मैं उनके बहल गया ,शायद इसीलिए मुझे अंजाम ए ग़म मिला!
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से होली चिल्ड्रन स्कूल के प्रबंधक राजीव शर्मा विद्या मंदिर के प्रधानाचार्य सोमदेव मिश्रा भाजपा के पूर्व नगर अध्यक्ष सतीश चंद्र गुप्ता महामंत्री अखिलेश अग्निहोत्री पालिका सभासद गौरव त्रिवेदी भूत अध्यक्ष सत्येंद्र शुक्ला पूर्व नगर उपाध्यक्ष अचल मिश्रा कोषाध्यक्ष प्रदीप शर्मा रवि प्रकाश पांडे नीरज पांडे विश्व प्रताप सिंह सहित सैकड़ों की संख्या में सुधी श्रोता  देर रात तक कविताओं का रसास्वादन करते रहे।
कार्यक्रम के अंत में संयोजक डॉ प्रशांत मिश्र और अध्यक्ष प्रदीप वैरागी ने सभी का आभार व्यक्त किया।

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