स्कूलों में शौचालय तो बनाए लेकिन रख-रखाव पर ध्यान नहीं, स्कूलों में बिना उपयोग के हुए जर्जर

स्कूलों में शौचालय तो बनाए लेकिन रख-रखाव पर ध्यान नहीं, स्कूलों में बिना उपयोग के हुए जर्जर

 

पाली(हरदोई)

इसको जिम्मेदारों की लापरवाही कहें या प्रशासन की अनदेखी इलाके मे रामापुर मिश्र कनकापुर लाल समेत दर्जनों  प्राथमिक विद्यालयों मे  दशकों पहले बनवाए गए शौचालय इतने जर्जर हो चुके हैं कि उनसे कहीं सीट दरवाजे गायब है तो कहीं पर छत

 

एक तरफ जहां प्रदेश की योगी सरकार द्वारा प्राथमिक शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए परिषदीय विद्यालयों को माडल स्कूलों की तर्ज पर विकसित करने के साथ स्कूल में  पढ़ने वाले नौनिहाल बच्चों को गुणवत्ता युक्त पौष्टिक मध्यान भोजन पाठ्य पुस्तकों के अलावा यूनिफार्म स्कूली बैग मोजे जूते बतौर प्रलोभन निशुल्क मुहैया कराए जा रहे हैं तो वहीं दूसरी तरफ शासन प्रशासन के निर्देशों की परवाह किए बगैर ग्राम प्रधान समेत संबंधित अधिकारी अपने कार्य में लापरवाही और शिथिलता बरतने से बाज नहीं आ रहे हैं जिसकी वजह से भरखनी विकास खण्ड  मैं रामापुर मिश्र कनकापुर लाल समेत दर्जनों परिषदीय विद्यालय मे  दशकों पहले बनवाए गए शौचालय की स्थिति इतनी जर्जर है कि कहीं सीट दरवाजे गायब तो कहीं छत आज भी शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है इन विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों समेत अध्यापक गण शौच और लघुशंका के लिए खेतों का रुख होना पड़ रहा है इस संबंध में जब खंड शिक्षा अधिकारी  सूची गुप्ता से दूरभाष पर बात की गई तो अपना पल्ला झाड़ते हुए बोली की विद्यालय में शौचालय निर्माण ग्राम प्रधान और पंचायत राज विभाग का है

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