बेहटा सनवात में गंदगी का अंबार, फैल सकता है संक्रामक रोग

बेहटा सनवात में गंदगी का अंबार, फैल सकता है संक्रामक रोग

 

  • गांव में नहीं है 5 माह से सफाई कर्मचारी, जिम्मेदार अधिकारी मौन

शाहजहांपुर /पुवायां।

एक तरफ जहां प्रदेश की सरकार स्वच्छता अभियान पर देश के नागरिकों की गाढ़ी कमाई का पैसा पानी की तरह बहा रही है। वहीं पुवायां तहसील के गांव बेहटा सनवात के ग्राम प्रधान की अनदेखी के चलते गांव में चारों तरफ गंदगी का साम्राज्य फैला हुआ है। गांव में जगह-जगह गंदा पानी भरा हुआ है। ग्राम प्रधान की लापरवाही के चलते गांव की नालियां गंदगी से बच-बजा रही हैं। गांव में नजर दौड़ाने पर गांव की नालियों व सड़कों पर बड़ी-बड़ी घास में खड़ी है। जिस कारण घरों का गंदा पानी सड़कों पर जमा हो रहा है। गांव में चारों तरफ गंदगी का अंबार है। 

ग्रामीणों के अनुसार उन्होंने अपने गांव बेहटा सनवात मे 5 माह से सफाई कर्मचारी को नहीं देखा है। गांव में जब ज्यादा ही गंदगी फैल जाती है। तब गांव के ही कुछ जागरूक लोग आपस में संगठित होकर गांव की थोड़ी बहुत साफ-सफाई कर लेते हैं। लेकिन गांव में इन दिनों ग्राम प्रधान के अनदेखी के चलते गांव में इन दिनों समस्या बढ़ती जा रही है। ज्यादातर गांव की गलियों में घरों का गंदा पानी देख सकते हैं। गांव के प्राथमिक पाठशाला जहां पर रोजाना गांव के ही मासूम बच्चे पढ़ने आते हैं।

उस प्राथमिक पाठशाला के सामने खाली पड़ी जगह पर इतना जलभराव व बड़ी-बड़ी घासें खड़ी है। कि कभी भी किसी बच्चे के साथ अनहोनी हो सकती है। लेकिन ग्राम प्रधान को इस समस्या से कोई लेना देना नहीं है। स्कूल के सामने खाली पड़ी जगह पर एक सरकारी हैंडपंप लगा है। जिस पर स्कूल के नन्हे-मुन्ने बच्चे पानी पीने जाते हैं। बड़ी-बड़ी घास के कारण किसी बच्चे को सांप, बिच्छू आदि काटने का डर रहता है। कई बार ग्रामीण ग्राम प्रधान को इस बारे में जानकारी दे चुके हैं। लेकिन ग्राम प्रधान के कानों में जूं तक नहीं रेंगी।  

बरसात के मौसम में गांव में इतनी गंदगी होने के कारण संक्रामक रोग फैलने का अंदेशा है और एक तरफ प्रदेश की सरकार संचारी रोग की रोकथाम के लिए गांव में चूना, फिनायल, डीटीसी आदि अन्य कई तरह के छिड़काव करवाने पर जोर दे रही है। वहीं ग्रामीणों के बताने के अनुसार ग्राम प्रधान ने कोई प्रबंध नहीं किया है। गांव में मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। अगर गांव में साफ-सफाई की व्यवस्था पर ध्यान नहीं दिया गया तो गांव में कभी भी संक्रामक रोग फैल सकता है। जिसकी जिम्मेदारी ग्राम प्रधान एवं ब्लाक के जिम्मेदार अधिकारियों की होगी। क्योंकि ग्रामीण लोगों के द्वारा कई बार अपने ग्राम प्रधान से गांव की समस्याओं पर ध्यान देने को कहा गया लेकिन ग्राम प्रधान गांव की समस्याओं पर लापरवाही बरत रहा है। 

*क्या कहते हैं ग्राम प्रधान पति शिवाकांत मिश्रा* ग्राम प्रधान के अनुसार गांव में 5 माह से कोई सफाई कर्मचारी नहीं है। गांव में 5 माह पूर्व एक सफाई कर्मचारी था जिसका ट्रांसफर हो जाने के बाद से गांव को कोई भी सफाई कर्मचारी नहीं मिला जिससे यह समस्या उत्पन्न हुई है मैंने कई बार उच्चाधिकारियों को अवगत भी कराया है लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। 

*क्या कहते हैं एडीओ पंचायत विश्व कांत मिश्रा* एडीओ पंचायत पुवायां ने बताया की सफाई कर्मी का ट्रांसफर हो जाने के बाद से गांव को अभी तक कोई सफाई कर्मी नहीं मिल पाया है। जल्द ही सफाई कर्मचारी की व्यवस्था करा दी जाएगी। फिलहाल गांव की सफाई टीमें लगाकर सफाई कराई जा रही है।

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