अब रोड पर हुए एक्सीडेन्ट वाले मरीज को अस्पताल तक पहुँचाने पर मिलेगा  दो हजार रुपया

अब रोड पर हुए एक्सीडेन्ट वाले मरीज को अस्पताल तक पहुँचाने पर मिलेगा  दो हजार रुपया

बीडी कनौजिया शाहजहांपुर

शाहजहांपुर/अब रोड पर हुए एक्सीडेन्ट वाले मरीज को अस्पताल तक पहुँचाने पर प्रबन्धक/नोडल विभाग (परिवहन विभाग) देगा दो हजार रूपये का त्वरित लाभ। रोड पर हुई दुर्घटना से ग्रसित मरीज को अस्पताल पहुँचाने वाले व्यक्ति को डाॅक्टरों द्वारा प्रमाण पत्र दिया जायेगा। उसी प्रमाण के आधार पर परिवहन विभाग लाभार्थी के खाते में धनराशि भेजने का कार्य करेगा। यह बात मुख्य विकास अधिकारी  महेन्द्र सिंह तंवर ने विकास भवन सभागार में सड़क सुरक्षा समिति की बैठक के दौरान कही। उन्होंने अज्ञात वाहन से हुई दुर्घटना में जख्मी व मृतक व्यक्ति को भी लाभ दिये जाने के निर्देश सम्बन्धित विभाग को दिये।

तंवर ने थाने वार रोड पर हुए एक्सीडेन्ट की संख्या तथा एक्सीडेन्ट में कितने लोगों की मृत्यु हुई की संख्या एवं दुर्घटना में कितने महिला एवं पुरूषों की जाने गयी  व जख्मी होने की संख्याओं का ब्यौरा अगली बैठक में प्रस्तुत करने के निर्देश सम्बन्धित को दिये। उन्होंने कहा कि इसी ब्यौरे के आधार पर गड्ढा युक्त सड़कों को गड्ढा मुक्त तथा खराब व जर्जर सड़कों का पुनः निर्माण कराने का कार्य किया जायेगा। उन्होंने  नेशनल हाईवे  आथार्टी आॅफ इण्डिया (एन0एच0ए0आई0) के अधिकारी को निर्देश दिये कि जनपद की परिधि के अन्दर गुजरने वाली सड़कों की स्थिति का ब्यौरा देंगे । ब्यौरों के आधार पर एन0एच0ए0आई0 की सड़कों का निर्माण कार्य करवाया जायेगा। उन्होंने  अधिशासी अभियन्ता पी0डब्ल्यू0डी0 को निर्देश दिये कि पी0डब्ल्यू0डी0 विभाग के अन्तर्गत जनपद में कितनी सड़के हैं तथा उन सड़कों पर कब-कब मरम्मत व निर्माण कार्य कराया गया है का ब्यौरा उपलब्ध कराने को कहा। उन्होंने कहा कि सड़कों की मरम्मत का कार्य सबसे पहले उन सड़कों पर किया जायेगा, जहाँ पर आवागम अधिक हो।

महेन्द्र ने कहा कि जनपद की परिधि की सड़कों में जितने अंधे मोड़ हैं का चिन्हीकरण तथा जिन सड़कों पर स्पीड ब्रेकर बनाने की आवष्यकता है को चिन्हित कर लिया जाए और आवश्यक स्थानों पर ही स्पीड बे्रकर बनाया जाए। उन्होंने कहा कि जिन  विद्यालयों के पास स्पीड बे्रकर नहीं बने हैं उन विद्यालयों को चिन्हित कर लिया जाए और वहाँ पर स्पीड ब्रेकर बनाया जाना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने विद्यालय के प्रबन्धकों को निर्देश दिये कि विद्यालय के वाहन चालकों की वर्दी, आई0डी0कार्ड होना आवश्यक है। ड्राइवर व हेल्फर का  मोबाइल नम्बर गाड़ी पर लिखवाया जाना सुनिश्चित किया जाए। यह भी जाँच कर लिया जाए कि वाहन चालक द्वारा ड्रिकिंग तो नहीं की जाती है। वाहन चालक का पुलिस रिकार्ड तथा उसकी दृष्टि की जाँच करा ली जाए कि चालक वाहन चलाने योग्य है या नहीं।
इस अवसर पर नगर आयुक्त   विद्याशंकर, अपर जिलाधिकारी (वि0/रा0)  अमर पाल सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक  पंकज पाण्डेय, नगर मजिस्ट्रेट  विनीता सिंह सहित अन्य अधिकारीगण व विद्यालय के प्रबन्धक उपस्थित रहे।

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