जादूगर बनी कलान पुलिस लाखों के असली सोने को रातों रात बनाया नकली

जादूगर बनी कलान पुलिस लाखों के असली सोने को रातों रात बनाया नकली

नरेश गुप्ता /दिनेश मिश्रा की रिपोर्ट

जादूगर बनी कलान पुलिस लाखों के असली सोने को रातों रात बनाया नकली


 कलान
थाना कलान पुलिस अब पुलिसिंग के बजाय जादूगरी भी करने लगी है।लाखों के असली सोने को रातों-रात नकली बना दिया और इस सर्दी के मौसम में अपनी जेबें गर्म कर लीं ।पुलिस का कारनामा देखना है तो आइए थाना कलान।
हुआ यह कि कस्बे में उड़ीसा राज्य के कुछ घुमंतू लोग सर्राफा कारोबारियों के यहां कई वर्षों से लूट खसोट का सोना बिक्री करते चले आ रहे हैं। घुमंतू गिरोह के लोगों ने सोमवार के दिन सर्राफा व्यापारियों को लाखों का सोना बेचा ।बिक्री के दौरान सर्राफा व्यवसायियों ने तय रकम से अधिक रकम घुमंतू गिरोह के लोगों को दे दी। जिससे इस कड़ाके की सर्दी में सर्राफा व्यापारी को पसीना आ गया। बताते हैं कि उपरोक्त मामले की जानकारी बजरंग दल के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं को लगी ।तो उन्होंने आनन-फानन में पूरे क्षेत्र में घुमंतु गिरोह को तलाश करने के लिए कई गाड़ियां दौड़ा दी।

बजरंग दल के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने कटरी क्षेत्र के कई गांवों की खाक छानने के बाद अंततःथाना मिर्जापुर क्षेत्र के एक गांव मझरियां में घुमंतू गिरोह के लोगों को पकड़ लिया। तभी कलान पुलिस ने मौके पर पहुंचकर गिरोह की महिला व पुरूष सदस्यों समेत लगभग आधा दर्जन लोगों को पकड़ लिया व नकदी समेत असली लाखों का सोना थाने लाए।बजरंग दल कार्यकर्ताओं में अजय बजरंगी अमन राज आदि कई लोग शामिल थे। उधर जब लाखों रुपया व लाखों रुपए का सोना गिरोह के सदस्यों समेत पुलिस थाने लाई ।

बाद में कलान पुलिस ने पीड़ित सर्राफा व्यापारियों को भी थाने बुलवा लिया। चर्चा है कि कलान पुलिस ने  सर्राफा वालों से कहा कि अधिक दी गई रकम इन लोगों से मैं दिलवा दूंगा। ज्यादा पचड़े में मत पड़ो। फिर क्या था ? कलान पुलिस ने अपनी जादूगरी शुरू कर दी और असली सोने को नकली सोने में तब्दील कर दिया। इस पूरे प्रकरण के खेल में सर्किल के एक क्षेत्राधिकारी की भी अहम भूमिका रही।क्योंकि पूरी रात सभी पुलिसकर्मी कड़ाके की ठंड में घूमते रहे।इसलिए उन्होंने अपनी जेबें गर्म करना ही मुनासिब समझा और घुमंतू गिरोह को भी रिहा नहीं किया।


 आम चर्चा यह है कि लगभग ₹ दस लाख नकद 60 से 70 लाख रुपए का असली सोना पुलिस ने डकार लिया। बताते हैं कि पुलिस अब असली सोने को नकली सोना बता रही है। 
      मजे की बात तो यह है कि सर्राफा व्यापारी अगर सोना लेते हैं। तो क्या वह जांच परख कर नहीं लेते ? बल्कि हकीकत तो यह है कि सर्राफा व्यापारी खरीद फरोख्त व गिरवीं का कार्य भी जांच परख कर ही करते हैं। चर्चा यह है कि आखिर लाखों का असली सोना नकली कैसे बन गया और बरामद लाखों रुपए गए तो गए कहां ? जिसकी क्षेत्र में व्यापक चर्चा है।

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