शाहजहांपुर मेडिकल कॉलेज में दलालों के प्रवेश पर लगेगी रोक ,तीमारदारों से होगी कई जगह पूछताछ- अभय सिन्हा

शाहजहांपुर मेडिकल कॉलेज में दलालों के प्रवेश पर लगेगी रोक ,तीमारदारों से होगी कई जगह पूछताछ- अभय सिन्हा

शाहजहांपुर -

मेडिकल कॉलेज में आए दिन हो रहे बवाल को देखते हुए मेडिकल कालेज के प्राचार्य अभय सिन्हा ने नए नियम लागू करने की जानकारी दी है आपको बता दें कुछ दिन पूर्व प्राइवेट नर्सिंग होम के दलालों के माध्यम से एक प्रसूता को प्राइवेट नर्सिंग होम ले जाया गया था जहां उसकी प्रसव के दौरान मृत्यु हो गई थी जहां  इस घटना के संबंध में एक आशा को  निलंबित कर दिया गया वहीं निगोही रोड पर स्थित चैरिटेबल हॉस्पिटल पर कार्रवाई की गई थी

इस घटना में जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह  की भी  काफी किरकिरी हुई थी जबकि जिलाधिकारी ने शिकायत पर सहानुभूति दिखाते हुए महिला को भर्ती कराया था इस घटना से जिले से लेकर प्रदेश शासन तक उत्तल पुथल मच गई थी इसी का संज्ञान लेते हुए मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य  अभय सिन्हा ने मेडिकल कॉलेज के अब कुछ नए नियम बना दिए हैं  उनके मुताबिक मेडिकल कॉलेज में आने वाले दलालों की रोकथाम के लिए अब तीमारदारों को भी समय से ही मरीजों को मिलने जाने दिया जाएगा वहीं तीमारदारों को कई जगह चेक भी किया जाएगा   मेडिकल कॉलेज के कर्मचारियों को गले में अपना आई कार्ड डालकर मेडिकल कॉलेज में प्रवेश करने की अनुमति होगी

प्रसूता की मौत की जांच में खानापूर्ति गंभीर मुद्दों का जांच कमेटी ने नहीं लिया संज्ञा

प्रसूता की मौत के मामले में सभी का ध्यान जिला अधिकारी की ओर पहुंच गया तरह तरह की बातें भी हूं   जबकि जिलाधिकारी मेडिकल कॉलेज ना पहुंचते तो महिला भर्ती भी नहीं की जाती प्रसूता की मौत में एक जांच कमेटी  गठित की गई जिसमें ज्यादातर मेडिकल कॉलेज के ही अधिकारियों को सम्मिलित किया गया प्रसूता की मौत में मुख्य बिंदु के तौर पर खराब स्वास्थ्य को लेकर मेडिकल कॉलेज आई गर्भवती महिला को भर्ती क्यों नहीं किया गया

आखिर क्या वजह रही कि जिलाधिकारी के संज्ञान लेने के बाद भर्ती किया गया इस बिंदु पर कोई जांच नहीं की गई निगोही रोड पर स्थित चैरिटेबल हॉस्पिटल में वह कौन सी नर्स थी जिसने प्रसव कराया था आखिर उसके पास कौन सी डिग्री थी उस हास्पिटल के डॉक्टर के पास कौन सी डिग्री है क्या प्रसव के लिए उसकी डिग्री मान्य है प्रसूता के परिवार वालों ने आरोप लगाया था की मेडिकल कॉलेज में जिलाधिकारी के कहने पर भर्ती तो कर लिया गया था लेकिन इलाज नहीं किया गया इस बिंदु पर भी जांच होनी चाहिए थी लेकिन जांच कमेटी ने मुख्य बिंदुओं पर जांच ना करके एक आशा को निलंबित कर खानापूर्ति कर ली जांच कमेटी गठित होते ही सवाल उठने लगे थे कि जब मेडिकल कॉलेज के ही अधिकारी जांच कमेटी में हैं तो सभी बिंदुओं पर जांच होना स्वभाविक नहीं है फिलहाल कुछ भी हो मेडिकल कॉलेज में आए दिन आरोप लगते रहते हैं जांच कमेटियां भी बनती हैं जांच भी होती हैं लेकिन नतीजा जीरो ही रहता है

झोलाछाप डॉक्टर एवं फर्जी हॉस्पिटलों की आज तक नहीं आ सकी जांच रिपोर्ट

आपको बता दें शहर में तमाम झोलाछाप डॉक्टर एवं फर्जी हॉस्पिटल भी चल रहे हैं जो 24 घंटे भर्ती सुविधा देकर हर मर्ज का इलाज कर रहे हैं इस संबंध में कई बार शिकायतें भी हुई शिकायतों का संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को जांच करने के निर्देश भी दिए गए लेकिन आज तक किसी भी झोलाछाप डॉक्टर या हॉस्पिटल की जांच रिपोर्ट संबंधित के पास नहीं पहुंच सकी है शायद पूर्व में लगे आरोपों एवं शिकायतों की जांच रिपोर्ट समय से पहुंचती तो आज या दिन देखने को नहीं मिलता।

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