शासनादेश के बाद भी सीडीओ को नहीं मिला एएमए का चार्ज

शासनादेश के बाद भी सीडीओ को नहीं मिला एएमए का चार्ज

शासनादेश के बाद भी सीडीओ को नहीं मिला एएमए का चार्ज


आयोग के आदेश से एसडीएम को मिला था चार्ज


ललितपुर। Antim kumar jain/ Ravi shankar sen

जिला पंचायतों में अब अपर मुख्य अधिकारी के पद पर अन्य विभागों के अधिकारी प्रभारी नहीं रह पायेंगे। इस सम्बन्ध में शासन ने पत्र जारी किया है। पत्र में स्पष्ट है कि ऐसी जितनी भी जिला पंचायतें हैं, उनमें मुख्य विकास अधिकारी ही प्रभारी होंगे।

चूँकि जिला पंचायतों के मुख्य अधिकारी भी वही होते हैं। जनपद में भी वर्तमान समय में अपर मुख्य अधिकारी पद रिक्त है, आम चुनाव के दौरान आयोग की संस्तुती पर उपजिलाधिकारी को प्रभारी अधिकारी बनाया गया था। किन्तु इस आदेश के बाद भी जनपद में अभी फेर बदल नहीं हुआ है। 


जिला पंचायत में विगत फरवरी से अपर मुख्य अधिकारी का पद रिक्त है। आम चुनाव के दौरान चुनाव आयोग के आदेश पर जनपद में अपर मुख्य अधिकारी के पद उपजिलाधिकारी को प्रभारी बनाया गया था।  यह जिला पंचायत के इतिहास में पहली बार राजस्व विभाग के अधिकारी को पदभार दिया गया हो। इसके बाद चुनाव के समाप्त होने के बाद भी यह नियुक्ति बरकरार रही। 11 अक्टूबर को पंचायती राज सचिव ने एक पत्र जारी किया, जिसमें जनपद का नाम प्रमुख रूप से बताया गया है।

साथ ही मुख्य विकास अधिकारी को आदेश दिया गया है कि वह जिला पंचायत के समस्त प्रशासकीय व वित्तीय दायित्वों का प्रभार ग्रहण करें, जिससे की जिला पंचायत के कार्य प्रभावित न हो सके। बताते चलें कि पूर्व में चुनाव के बाद केाषागार ने हस्ताक्षर मानने से इंकार कर दिया,

इसके बाद फिर न जाने किसके आदेश से फिर कोषागार में उपजिलाधिकारी के हस्ताक्षर के भुगतान होने लगे, यह समझ से पर है। अब देखना यह है कि शासन के इस आदेश बाद क्या होता है, चूँकि जिला पंचायत में अपर मुख्य अधिकारी न होने कारण कार्यों में काफी परेशानी हो रही है। 

 

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