शिमला पुस्तक मेला 8 से 16 जून 2019 तक ओकार्ड इंडिया आयोजित किया जा रहा है

 शिमला पुस्तक मेला 8 से 16 जून 2019 तक ओकार्ड इंडिया आयोजित किया जा रहा है

हितेन्द्र शर्मा (शिमला) हि०प्र०

शिमला पुस्तक मेला 8 से 16 जून 2019 तक ओकार्ड इंडिया, भाषा एवं संस्कृति विभाग व हिमाचल अकादमी और हिमालय मंच के संयुक्त तत्वधान में शिमला, हि०प्र० में आयोजित किया जा रहा है।

कार्यक्रम की श्रखंला में शिमला से प्रतिष्ठित कथाकार श्री एस आर हरनोट जी का एक कहानी संग्रह ''कीलें'' तथा प्रोफेसर मीनाक्षी एफ. पाल और हेमराज कौशिक जी द्वारा अंग्रेजी में अनुवादित हरनोट जी की कहानियों का अंग्रेजी अनुवाद ''कैट्स टाक'' का लोकार्पण शिमला राटरी टाऊन हाल में 13 जून को होगा।

एस आर हरनोट जी शिमला से एक प्रतिष्ठित कथाकार हैं जिनकी बहुत सारी कहानियां देश के कई विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम का हिस्सा भी हैं तथा विभिन्न विश्वविद्यालयों में शोधार्थी इन पर शोध भी कर रहे हैं। उनकी कहानियां न केवल भारत में अपितु विश्व में भी खूब वाहवाही बटोर चुकी हैं। वे साहित्य जगत में एक प्रतिष्ठित हस्ताक्षर हैं।

 
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शिमला पुस्तक मेले में हिंदी और अंग्रेजी की सुपरिचित लेखिका, अनुवादक और शिक्षाविद् डॉ. मीनाक्षी एफ.पॉल को शिमला के रोटरी टाउन हॉल में ओजस सेंटर फॉर रीडिंग  डेवेलपमेन्ट(ओकार्ड) द्वारा वर्ष 2019 का प्रतिष्ठित ओकार्ड सृजन सम्मान प्रदान किया गया। यह सम्मान उन्हें हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ .सिकंदर कुमार के कर कमलों द्वारा प्रदान किया गया। सम्मान स्वरूप उन्हें हिमचली शाल, टोपी और स्मृति चिन्ह सहित ग्यारह हजार की सम्मान राशि प्रदान की गई। हिमालय मंच ने इस कार्यक्रम में स्थानीय आयोजक के रुप सराहनीय भूमिका निभाई।

प्रो० मीनाक्षी पॉल को इस सम्मान के लिए बधाई देते हुए डॉ सिकंदर ने कहा कि आज समाज में  नैतिक मूल्यों का निरंतर ह्रास हो रहा है। साहित्य को इन मूल्यों को बचाने के लिए निडर हो कर सामने आना होगा और समाज मे विसंगतियों के खिलाफ अपनी बड़ी भूमिका निभानी चाहिए।

डा. मीनाक्षी पॉल के सृजन पर डॉ. कुल राजीव पंत और डॉ नीलिमा कंवर ने विस्तार से बात की। प्रशस्ति वाचन डॉ. विद्यानिधि ने किया। ओकार्ड के निदेशक राकेश गुप्ता ने समस्त अतिथियों का स्वागत करते हुए पुस्तक संस्कृति को समर्पित ओकार्ड संस्था की गतिविधियों और ओकार्ड सृजन सम्मान की चयन परिक्रिया पर विस्तार से प्रकाश डाला। राकेश गुप्ता ने बताया कि इस से पहले ओकार्ड सम्मान आत्मा रंजन और मीनाक्षी चौधरी को दिया जा चुका है। 


मीनाक्षी एफ पाल ने अपनी सृजन प्रक्रिया पर बात करते हुए कई कविताओं का पाठ भी किया। शहर भर के रचनाकारों एवं संस्कृति कर्मियों का खूब जमावड़ा रहा। इस अवसर पर रुचिका रस्तोगी की पुस्तक "ए मिस्टिकल मेजेस्टी-द वीमेन' का विमोचन भी हुआ।
मंच का सफल संचालन कवि आत्मा रंजन ने किया।

कार्यक्रम में उपस्थित सुपरिचित हस्तियों में श्रीनिवास जोशी, प्रोफेसर पंकज सिंह, एस आर हरनोट, हितेन्द्र शर्मा, पद्मश्री उमेश भारती, डॉ मस्त राम शर्मा, डॉ लखन पॉल, अर्चना फुल, गुप्तेश्वरनाथ उपाध्याय, दिनेश शर्मा, प्रोफ मीरा वालिया, प्रोफेसर आरती पंडित,डॉ आशुतोष, ओम प्रकाश, दीपक भारद्वाज, कौशल मुंगटा, शांति स्वरूप, यादव चंद, जगदीश चंद्र, मधु जी शर्मा, कल्पना गांगटा, डॉ कुलभूषण शर्मा, अनिल शर्मा, वंदना राणा आदि शामिल रहे।

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