हरियाणा के सरकारी स्कूलों में ज्यादातर बायोमीट्रिक मशीनें खराब

हरियाणा के सरकारी स्कूलों में ज्यादातर बायोमीट्रिक मशीनें खराब

सिवानी मंडी ( सुरेन्द्र गिल )

शिक्षा विभाग ने करोड़ों रुपये खर्च कर स्कूलों में बायोमीट्रिक मशीनें तो लगाई पर अध्यापकों की हाजिरी दर्शाने वाली ये मशीनें खराब हैं या बहुत सी गायब ही हो गई।

कई स्कूलों में दोबारा से नई भेजी गई मशीनें भी गुरुजी की अंगुली लगने के बाद फिर से खराब हो गई। हालात यह है कि सरकारी स्कूलों में अव्वल तो बिजली नहीं है और बिजली है तो मशीन खराब हैं। ऐसे में हालात अच्छे नहीं कहे जा सकते। यह सब खुलासा आरटीआई में हुआ है।

स्वास्थ्य शिक्षा सहयोग संगठन के प्रदेश अध्यक्ष बृजपाल परमार ने जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय से सात जनवरी 2019 को आरटीआइ के जरिये सरकारी स्कूलों में बायोमीट्रिक मशीनों से जुड़ी जानकारी मांगी थी। आरटीआइ में यह भी मांगा था कि किस स्कूल में कितनी मशीनें लगी हैं और फिलहाल इनकी क्या स्थिति है। पहले तो शिक्षा निदेशालय ने समय पर कोई जवाब नहीं दिया। इसके बाद मामले में प्रथम अपील 9 मार्च को लगाई गई। जिस पर सुनवाई के बाद जिले भर के कुछ सरकारी स्कूलों से बायोमीट्रिक मशीन से जुड़ी जानकारी कार्यकर्ता को उपलब्ध कराई ई।आरटीआई में विद्यालय वाइज उनके समक्ष सूचनाएं विभाग द्वारा भेजी गई।

जिसमें अधिकांश स्कूलों में बायोमीट्रिक मशीनें स्थापित किए जाने के बाद से ही नहीं चल रही हैं। जिन स्कूलों में मशीनें खराब भी उनकी जगह दूसरी बायोमीट्रिक मशीनें भी भेजी गई, मगर यह भी खराब हो गई। कई स्कूलों में तो बायोमीट्रिक मशीन ही गायब हो गई। जिसकी पड़ताल करना भी किसी ने जरूरी नहीं समझा।

तोशाम के 29 स्कूलों में भी सभी मशीनें खराब आरटीआई से मिली सूचना के मुताबिक अकेले तोशाम खंड में कक्षा पहली से आठवीं तक 29 सरकारी स्कूल हैं। इनमें सभी स्कूलों में बायोमीट्रिक खराब पड़ी हैं। आरटीआई में बताया गया है कि सभी स्कूलों को चार फरवरी 2016 को मशीनें उपलब्ध कराई गई थी

। अब स्थिति यह है कि सभी सरकारी मिडिल स्कूलों में मशीन से हाजिरी नहीं लगती है। सूचना में यह भी मांगा था कि जिन स्कूलों में मशीन खराब है तो उन मुखियाओं पर क्या कार्रवाई की। इस पर विभाग ने जवाब भेजा कि सभी स्कूलों की मशीन खराब पड़ी हैं और अभी तक विभाग ने इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर पर भी कोई कार्रवाई नहीं की है।

राज्य सूचना आयोग ने किया है 17 जुलाई को विभागीय अधिकारियों को तलब बृजपाल परमार ने बताया कि इस मामले में विभाग ने अभी और तथ्य उपलब्ध नहीं कराए हैं। यह मामला राज्य सूचना आयोग के समक्ष चल रहा हैं और 17 जुलाई को विभागीय अधिकारियों को सूचना के साथ तलब किया गया है।

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