हरियाणाा मे आए दिन हो रहे बस हादसों के लिए सरकार जिम्मेवार - दलबीर किरमारा

हरियाणाा मे आए दिन हो रहे बस हादसों के लिए सरकार जिम्मेवार - दलबीर किरमारा

( सुरेन्द्र गिल )

सिवानी मण्डी हरियाणा रोडवेज में आए दिन हो रही दुर्घटनाएं चिंता का विषय है। रोडवेज में बसों की कमी के चलते लोग खिड़की में खड़े होकर व बसों की छतों पर सफर करने को मजबूर हैं, जो अक्सर दुर्घटनाओं का कारण बनते हैं। इसकी सारी जिम्मेवारी रोडवेज बस चालक व परिचालकों पर डाल दी जाती है और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग आम जनता द्वारा की जाती है। यह बात आज हरियाणा रोडवेज संयुक्त कर्मचारी संघ के राज्य प्रधान दलबीर किरमारा ने एक बयान जारी कर कही। 

उन्होंने कहा कि दुर्घटनाओं को लेकर बस चालक व परिचालकों पर केस दर्ज करने से दुर्घटनाएं कम होने वाली नहीं हैं। इसके लिए आम जनता को रोडवेज कर्मचारियों की परिवहन के बेड़े में बसों की संख्या बढ़ाने की मांग का समर्थन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि आम जनता को सफर के लिए पर्याप्त संख्या में बसें उपलब्ध होंगी तो कोई भी बस की खिड़की या छत पर सफर नहीं करेगा और इससे दुर्घटनाओं में काफी कमी आएगी। वहीं प्रदेश के युवाओं को स्थाई रोजगार भी मिलेगा।

राज्य प्रधान दलबीर किरमारा ने कहा कि किसान, कर्मचारी, मजदूर, छात्र, महिला संगठनों व जनसंगठनों को एक मंच पर आकर जनता की सुविधाओं को लेकर सत्तापक्ष के समक्ष आवाज उठानी होगी ताकि मूलभूत सुविधाओं जैसे बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन व्यवस्था उपलब्ध करवाना सरकार के लिए जरूरी हो जाए। 

उन्होंने कहा कि रोडवेज कर्मचारी विभाग के निजीकरण को रोकने के लिए व परिवहन के बेड़े में बसों की संख्या बढ़ाने को लेकर लगातार संघर्षरत हैं, तो वहीं किसान बिजली व सिंचाई के लिए पानी की मांग को लेकर आवाज उठा रहे हैं। मजदूर श्रम कानूनों की पालना करवाने के लिए संघर्षरत हैं, आंगनवाड़ी व आशा वर्कर अपनी मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं, विद्यार्थी वर्ग फीस बढ़ौतरी के विरोध में आवाज उठा रहा है तो सेक्टरवासी इन्हांसमेंट को खत्म करवाने को लेकर आंदोलनरत हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने इनमें किसी भी वर्ग से बातचीत कर उनकी मांगों का समाधान ना करके अपनी असंवेदनहीनता का परिचय दिया है। वहीं आवाज उठाने वाले लोगों के खिलाफ अंग्रेजों की तरह केस दर्ज कर उनकी आवाज को दबाने का प्रयास किया जाता है।

राज्य प्रधान दलबीर किरमारा ने कहा कि आज समय आ गया है कि जनता सरकार में बैठे मंत्रियों, विधायकों व सांसदों से इसको लेकर प्रश्र करे और उन पर दबाव बनाएं, लेकिन हो इसके विपरित रहा है। लोग जातपात, धर्म व क्षेत्रवाद के नाम पर असली मुद्दों को स्वयं पीछे कर रहे हैं।

जिसका खामियाजा आखिर में आम जनता को ही भुगतना पड़ेगा। इसलिए जनता को जागरुक होना चाहिए और जातपात, धर्म व क्षेत्रवाद की राजनीति करने वालों के खिलाफ आवाज बुलंद करनी चाहिए और आम जनता से जुड़े मुद्दों को उठाना चाहिए। तभी देश व समाज विकास के पथ पर आगे बढ़ेगा और आम जनता की समस्याओं का समाधान होगा।

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