श्रीमद्भागवत का श्रवण करने से पापों से मुक्ति मिलती है-मिश्रा

श्रीमद्भागवत का श्रवण करने से पापों से मुक्ति मिलती है-मिश्रा

रिपोर्ट-राकेश पाठक

हैदरगढ़ बाराबंकी
कलयुग में भक्ति बैराज बौद्ध धर्म का महत्व कम है कलयुग में यह अपने जवानी पर थे लेकिन कलयुग में इसका महत्व जरूर कम हुआ है लेकिन इसका लाभ आज भी सबसे महत्वपूर्ण व लाभदायक है।

यह बात नीमसार से आई कथावाचक पूर्णिमा मिश्रा ने कही श्रीमद् भागवत कथा के दूसरे दिन कस्बा हैदरगढ़ के ब्रह्मनान वार्ड स्थित काली माता मंदिर के समीप हो रही श्रीमद् भागवत कथा में भक्तों के बीच कहा।

श्रीमद् भागवत कथा एक ऐसा ग्रंथ है जिसको 7 दिनों तक सुनने से जो लाभ कराने वाले को मिलता है उतना ही लाभ सुनने वालों को भी मिलता है वह मनुष्य बहुत ही भाग्यशाली है जो कथा प्रांगण में आकर के श्रीमद् भागवत कथा का रसास्वादन करता है।

वह स्थान वह क्षेत्र वह नगर भी पूजनीय है जहां श्रीमद् भागवत की कथा हो रही हो। कथा व्यास पूर्णिमा मिश्रा ने आगे बताया कि बाबा नारद जी विष्णु भगवान के पास गए और भक्ति की दीन दशा को देखकर बहुत ही परेशान थे उसके बारे में भगवान विष्णु से पूछा कि क्या कलयुग में भक्ति वैराग्य धर्म का यही महत्व रहेगा ।

तभी गुरु जी ने बाबा नारद को धरती पर भेजा और कहा कि हर एक चीज का जवाब आपको धरती पर मिल जाएगा आप धरती पर जाइए और हर एक बिंदु का समाधान आपको वही मिल जाएगा

विष्णु जी की बात को सुनकर बाबा नारद धरती पर आ गए यहां पर एक ब्राह्मण और ब्राह्मण की कथा को विस्तार से भक्तों को सुनाया और धुंधकारी गोकर्ण की कथा को विस्तार से भक्तों के बीच वर्णन किया।

संगीतमयी भागवत कथा में कथा व्यास ने राम नाम संकीर्तन का भी महत्म बताया। प्रथम पाली में दोपहर 1 बजे से 4 बजे तक रात्रि में 7 बजे से 10 बजे तक हो रही श्रीमद् भागवत कथा में भारी संख्या में पुरुष महिलाओं की भागीदारी रही कथा के मुख्य जजमान रूद्र नारायण पाठक श्रीमती दुर्गेश नंदिनी

पाठक के अलावा मुन्नालाल पाठक पूर्व सभासद स्कंद तिवारी राम सुमिरन भाई जगदीश मौर्य राजेश तिवारी मुकेश मिश्रा राजकुमार चतुर्वेदी मुकेश पांडे रवि पाठक प्रांशु पाठक रमेश पाठक कन्हैया लाल शुक्ला राजेंद्र कुमार यादव नरेंद्र यादव

सतीश कुमार अखिलेश मिश्रा आदि ने श्रीमद् भागवत कथा का रसास्वादन किया। आयोजक राकेश पाठक ने आए हुए भक्तों का स्वागत किया व आभार जताया।

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