जैविक खाद से की जाए खेती तो पैदावार के साथ बढ़ेगी मृदा की उर्वरक शक्ति 

जैविक खाद से की जाए खेती तो पैदावार के साथ बढ़ेगी मृदा की उर्वरक शक्ति 

 विनोद सिंह

शुक्ल बाजार का इस्तेमाल किया जा रहा है जिससे फसल काफ़ी बेहतर हो रही है ।लेकिन इसका विपरीत असर मृदा की उर्वरा शक्ति पर पड रहा है ।जबकि समय समय पर मृदा को जांच केन्द्र के द्वारा परीक्षण किया जाता है जिसमें यह दर्शाया जा रहा है

कि मृदा में मौजूद सूक्ष्म तत्व कम हो रहें हैं जिसके कारण फसलों पर इसका जबरदस्त असर पड रहा है ।एक तरफ फसलों का उत्पादन व उसकी गुणवत्ता में तेजी से गिरावट आ रही है ।जिसका मूल कारण रासायनिक खाद डालकर पैदावार करना है ।

यही नहीं क्षेत्र के अंतर्गत शुकुल बाजार ठाकुरगंज जैनबगंज सत्थिन आदि जगहो के खेेतो में भी यही स्थिति है कि मृदा में मौजूद सूक्ष्म तत्व व पोषक तत्वो की कमी से फसलों में अनेक प्रकार के रोग लग जातें हैं जिससे किसानों को काफ़ी नुकसान हो रहा है ।यदि समय रहते इस पर ध्यान न दिया गया

तो भविष्य में किसानों के समक्ष बड़ी समस्या उत्पन्न हो जाएगी ।वहीं कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि जैविक खाद के द्वारा खेती की जाए तो फसल भी अच्छी होंगी एवं मृदा की उर्वरा शक्ति बेहतर होंगी ।इसके लिए सरकार को विशेष रूप से ध्यान देने की जरुरत है जिससे अधिक से अधिक मृदा की उर्वरा शक्ति को नष्ट होने से बचाया जा सके ।

 

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