साउथ एशियन गेम्स : शूटर काजल सैनी ने जीते गोल्ड और ब्रांज मेडल, देश का नाम किया रौशन...

साउथ एशियन गेम्स : शूटर काजल सैनी ने जीते गोल्ड और ब्रांज मेडल, देश का नाम किया रौशन...

नेपाल में चल रहे 13वें साउथ एशियन गेम्स में दो मेडल जीतकर शुक्रवार को स्वदेश लौटी राइफल शूटर काजल सैनी ने यह बात कही है।

इससे पूर्व, नवंबर महीने में कतर के दोहा शहर में हुई 14वीं एशियन शूटिंग चैंपियनशिप में भी काजल ने गोल्ड और ब्रांज मेडल अपने नाम किया था। उन्होंने एक महीने में चार इंटरनेशनल मेडल जीत कर देश का नाम रोशन किया है।

साउथ एशियन गोल्ड मेडलिस्ट काजल सैनी का कहना है कि उसके लिए इंटरनेशनल मेडल जीतना आसान नहीं था। इसकी वजह, उनके अलावा परिवार के किसी अन्य सदस्य ने न तो कभी शूटिंग गेम खेला है और न ही उन्हें इसके बारे में ही कोई ज्यादा जानकारी थी। इसके बावजूद परिजनों ने हर कदम पर उनका साथ दिया। इसी का नतीजा है कि वह एक माह में चार इंटरनेशनल मेडल जीतने में कामयाब रहीं। काजल मूलत: रोहतक की रहने वाली हैं।

वह रोहतक के राजकीय महिला कालेज में एनसीसी कैडेट रही हैं और उन्होंने शूटिंग की शुरुआत एनसीसी से ही की थी। भले ही शुरुआत में उसे कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ा, लेकिन काजल ने हार नहीं मानी।

हरियाणा में 50 मीटर राइफल शूटिंग की प्रेक्टिस के लिए कोई रेंज न होने से उन्हें चार साल पूर्व दिल्ली में अपने मामा के घर नजफगढ़ शिफ्ट होना पड़ा। यहां से वह हर रोज तुगलकाबाद स्थित डॉ. करणी सिंह शूटिंग रेंज के लिए बस से रवाना होती हैं। वहां दिनभर प्रेक्टिस कर शाम को वापस लौटती थीं। 

नजफगढ़ पहुंचने पर काजल का भव्य स्वागत किया गया। काजल ने कहा कि उनका अगला लक्ष्य टोक्यो ओलंपिक के लिए जल्द होने वाले ट्रायल में अच्छा प्रदर्शन कर भारतीय टीम में अपनी जगह पक्की करना है। गौरतलब है कि भारत को 50 मीटर राइफल थ्री पोजिशन में ओलंपिक कोटा हासिल है।

उन्होंने कहा कि शूटिंग गेम काफी खर्चीला होने के बावजूद उनके माता-पिता ने उन्हें ट्रेनिंग के दौरान कभी भी पैसों की दिक्कत नहीं आने दी।

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