शिक्षा विभाग में गजब का खेल बोर्ड पर कोचिंग क्लासेस, आई-कार्ड पर कान्वेन्ट स्कूल

शिक्षा विभाग में गजब का खेल बोर्ड पर कोचिंग क्लासेस, आई-कार्ड पर कान्वेन्ट स्कूल

भदोही।

ज्ञानपुर कोतवाली क्षेत्र के नथईपुर में एससी क्लासेस के नाम पर कथित तौर से स्कूल का संचालन किया जा रहा था। बच्चों के अभिभावकों को यह पता था कि उनके बच्चे स्कूल जा रहे हैं लेकिन हकीकत में कोचिंग क्लासेस का संचालन दिखा कर उसकी आड़ में स्कूल का रूप दे दिया गया था।

इतना ही नहीं बच्चों को जारी आई कार्ड पर भी एससी कान्वेंट स्कूल दर्शाया गया था, लेकिन नथईपुर त्रिमुहानी से तकरीबन 800 मीटर की दूरी पर स्थित एससी क्लासेस का भवन और बोर्ड दोनों यही बता रहा था कि यहां स्कूल नहीं क्लासेस का संचालन हो रहा था। बड़ा सवाल यह है कि कोचिंग क्लासेस की जांच का जिम्मा संभालने वाले विभाग की नजर इस स्थान पर बिल्कुल ही नहीं पड़ी अथवा इसे दरकिनार कर दिया गया।

यह मामला जांच का विषय है ।बहरहाल, यूपी सरकार के नुमाइंदे के रूप में दिल्ली में भाजपा राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक छोड़कर ट्रामा सेंटर बीएचयू वाराणसी पहुंचे भदोही के विधायक रविंद्र नाथ त्रिपाठी ने साफ शब्दों में कहा है कि इसके लिए जिम्मेदार दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी जबकि किसी भी निर्दोष को बलि का बकरा नहीं बनने दिया जाएगा। बताते चलें कि लखनो गांव के पास एक वैन में आग लगने से उसमें सवार 19 बच्चे और एक महिला समेत कुल 20 लोग झुलस गए।

इसमें 7 बच्चों की हालत गंभीर बताई जा रही है। सभी को वाराणसी के ट्रामा सेंटर के आईसीयू में भर्ती किया गया है। आईसीयू में भर्ती बच्चों का जायजा लेने यूपी सरकार के नुमाइंदे के तौर पर भाजपा भदोही विधायक रविंद्र नाथ त्रिपाठी बीएचयू के कुलपति के साथ ट्रामा सेंटर पहुंचे और सभी बच्चों का हाल जाना। विधायक ने कहा है कि बच्चों के उपचार में किसी तरह की कमी नहीं आने दी जाएगी। दूसरी तरफ पड़ताल में बड़ी बात सामने आई है। यह बात स्कूल और कोचिंग क्लासेस को लेकर है।

कक्षा 1 से 12 तक की तैयारी कराने का बोर्ड लगाकर क्लासेस के नाम पर स्कूल का संचालन करने वाले तथाकथित लोगों ने मासूम बच्चों के साथ जो घिनौना कृत्य किया है उसे लेकर पूरा जनपद मर्माहत है । भदोही के सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त, ज्ञानपुर के विधायक विजय मिश्रा और भदोही के विधायक रविंद्र नाथ त्रिपाठी, सांसद प्रतिनिधि शैलेन्द्र दूबे समेत राज्य बाल अधिकार आयोग की पूर्व सदस्य नाहिद लारी खान और बसपा नेता मौके यादव ने इस घटना पर गहरा दुख जताया है।

यहां सवाल यह भी उठता है कि जिस तरह क्लासेज के नाम पर स्कूल का संचालन हो रहा था ऐसे में कोचिंग क्लासेस की जांच करने वाले विभाग की आंखों मे भी धूल झोकने का काम संचालन कर्ताओं किया, जिसका परिणाम मासूमों की चित्कार के रूप में सामने आया है।

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