भारत को बिश्वगुरु बनाने वाले नेताओ को जोर का चाटा मारते स्कूल और अध्यापक : शर्मनाक

भारत को बिश्वगुरु बनाने वाले नेताओ को जोर का चाटा मारते स्कूल और अध्यापक : शर्मनाक

 

बदहाल शिक्षा व्यवस्था, स्कूल में पढ़ाई की जगह छात्र लगा रहे झाड़ू

अटरिया।

पृथ्वीपुर बच्चों को शिक्षित बनाने के लिए केंद्र के साथ-साथ यूपी सरकार ने खूब पढ़ो-खूब बढ़ो विशेष अभियान चलाती रहती है। लेकिन इस अभियान को सीतापुर सिधौली के अटरिया थाना क्षेत्र के पृथ्वीपुर प्राथमिक विद्यालय मैं शिक्षा विभाग खुद ही पलीता लगाता हुआ नजर आ रहा है।

बता दें, प्राथमिक विद्यालयों में वैसे तो बच्चों की संख्या काफी कम रहती है। लेकिन जो बच्चे शिक्षा का उद्देश्य लेकर प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ने के लिए पहुंचते हैं तो उन्हें अध्यापक शिक्षा देने की वजह उनसे अपने कार्यों पर लगा देते हैं। ऐसा ही कुछ नजारा अटरिया के पृथ्वीपुर  प्राथमिक विद्यालय में देखने को मिला।


जहां प्राथमिक विद्यालय की छात्रा खुशी जो कि पृथ्वीपुर गांव की ही निवासी है झाड़ू लगाती हुई दिखाई जानकारी लेने पर छात्रा ने बताया की टीचरों ने आदेशित कर रखा है हमारे आने के पहले सारे कार्य दुरुस्त हो जाने  चाहिए 

इस प्राथमिक विद्यालय में स्कूल के छात्र-छात्राओं से स्कूल की साफ-सफाई और झाड़ू लगवाया जा रहा है।  यानि बच्चों को शिक्षा चाहिए तो उन्हें पहले स्कूल के काम करने होंगे। ये हाल प्राथमिक विद्यालय के अध्यापकों ने बना रखा है और जबकि उत्तर प्रदेश सरकार की मंशा है कि हर गरीब का बच्चा शिक्षित बनाया जाए।

जिससे देश नई ऊंचाइयों पर जा सके। लेकिन पृथ्वीपुर का ये प्राथमिक विद्यालय कुछ और ही बता रहा है कि विद्यालय में पढ़ाई से ज्यादा बच्चों  से काम करवाने पर ध्यान दिया जाता है और यह दर्शाता है कि प्राथमिक विद्यालय के अध्यापक किस तरह से उत्तर प्रदेश सरकार और सूबे के मुख्यमंत्री की योजनाओं को अंगूठा दिखाते हुए पलीता लगा रहे हैं।


 सिधौली अटरिया क्षेत्र में शिक्षकों व शिक्षाधिकारियों की उदासीनता से परिषदीय विद्यालयों की स्थिति सुधरने का नाम नहीं ले रही है। आलम यह है कि कहीं समय से शिक्षकों के न पहुंचने से स्कूल नहीं खुलता तो कहीं बच्चे ही नहीं आ रहे हैं। कहीं विद्यालय में मिड-डे मील नहीं बन रहा है तो कहीं किताबों के न मिलने से पुरानी किताबों से पठन-पाठन कार्य चल रहा है। 

सरकार शिक्षा का स्तर बढ़ाने के लिए सर्व शिक्षा अभियान, एमडीएम, किताबों व ड्रेस पर पानी की तरह पैसा बहा रही है। जूनियर विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए अनुदेशक व विषय विशेषज्ञों की तैनाती भी है, लेकिन शिक्षा विभाग के अधिकारियों की उदासीनता से सरकार की मंशा पर पानी फिर रहा है। सीतापुर में शिक्षा क्षेत्र के परिषदीय विद्यालयों के संचालन की स्थितियों की एक रिपोर्ट।
 
सुबह 7.30 बजे तक प्राथमिक विद्यालय पृथ्वीपुर में ताला लटक रहा था।  इसके साथ ही
तत्पश्चात रसोईया चक्रवती वह अनमोल पुत्र रामचंद्र ने विद्यालय का ताला खोल कर प्रार्थना व राष्ट्रगान कराया पत्रकार द्वारा पूछे जाने पर जानकारी दी प्रधानाध्यापिका माला सिंह ने मुझसे कह रखा है की जब तक वह विद्यालय परिसर में आती हैं तब तक सारे कार्य कंप्लीट हो जाने चाहिए

प्रार्थना भी विद्यार्थियों ने ही की, शिक्षक रहे अनुपस्थित 

सिंधौली के अन्तर्गत अटरिया थाना क्षेत्र पृथ्वीपुर प्राथमिक विद्यालय का है जहां। बच्चे हमारे देश का भविष्य हैं। इन बच्चों की कमान उन शिक्षकों के हाथ में है जो इस भविष्य को संवारने की अपेक्षा खुद ही सोए हुए हैं। यह वह शिक्षक हैं जो स्कूल तो देर से पहुंचते हैं लेकिन अपनी गलती को स्वीकारने की अपेक्षा झूठ बोलकर अपने को बचाने का प्रयास करते हैं। ऐसा ही नजारा अटरिया के पृथ्वीपुर प्राथमिक विद्यालय में देखने को मिला।

जहां सात बजे पहुंचने की बजाए शिक्षक आठ बजे के बाद पहुंचे। जब इन शिक्षकों से देर से आने का कारण पूछा तो इन्होंने झूठे बहाने हम तो इसी समय पर आते हैं, मेरी गाड़ी खराब हो गई, मेरी तबीयत खराब है  ,बनाकर अपने आप को बचाने का भरपूर प्रयास किया।

इस पूरे मामले में सबसे शर्मनाक बात यह थी कि विद्यालय में होने वाली प्रार्थना जिसमें सभी शिक्षकों को उपस्थित होना चाहिए उसमें एक भी शिक्षक उपस्थित नहीं था। स्कूल की प्रार्थना को आधे अधूरे बच्चों ने पूरी की और अपनी-अपनी कक्षाओं में चले गए। वहीं सुबह आठ बजे तक माध्यमिक स्कूल के प्रधान अध्यापिका तक का कोई अता-पता नही था

नरेश गुप्ता कि रिपोर्ट अटरिया

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