हरियाणा मे पहले लाल के रुप मे विख्यात बंसी लाल का राजनैतिक सफर व हविपा पार्टी का सफर

हरियाणा मे पहले लाल के रुप मे विख्यात बंसी लाल का राजनैतिक सफर व हविपा पार्टी का सफर

सिवानी मण्डी ( सुरेन्द्र गिल ) हरियाणा मे पहले लाल के रूप में विख्यात चौधरी बंसी लाल आजादी से पहले से ही राजनीति में सक्रिय थे। वह सात बार हरियाणा विधानसभा के सदस्य चुने गए। 1968 में वह पहली बार मुख्यमंत्री बने। भगवत दयाल शर्मा एवं राव बीरेंद्र सिंह के बाद वह हरियाणा के तीसरे मुख्यमंत्री हुए। 1972 में वह दोबारा हरियाणा के मुख्यमंत्री बने। 1975 में उन्हें भारत का रक्षामंत्री बनने का गौरव हासिल हुआ। आपातकाल के दौरान वह संजय गांधी के विश्वसनीय माने जाते थे। 1984 में वह रेल मंत्री भी बने। 1986 में वह एक साल के लिए फिर हरियाणा के मुख्यमंत्री बने। 1996 में उन्होंने कांग्रेस से अलग होकर हरियाणा विकास पार्टी बना ली और 1997 में भाजपा के साथ गठबंधन कर हरियाणा में शराबबंदी के वादे के साथ सरकार बनाई । प्रदेश में शराब बंदी पूर्ण रूप से असफल रही। जुलाई 1999 में भाजपा ने अपना समर्थन इनेलो को देकर सरकार गिरा दी । 2005 में हविपा का कांग्रेस में विलय हो गया।

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