बहुचर्चित कटका हत्याकांड में चार मुल्जिमों के खिलाफ आरोप तय

बहुचर्चित कटका हत्याकांड में चार मुल्जिमों के खिलाफ आरोप तय

सुलतानपुर 

बहुचर्चित कटका हत्याकांड में चार मुल्जिमों के खिलाफ आरोप तय

बहुचर्चित कटका हत्याकांड में आरोपियों के चार्ज के बिंदु पर सुनवाई चली। आरोपी रुद्रेश भरद्वाज की तरफ से कुछ धाराओं पर सवाल उठाते हुए उन्मोचित किये जाने की अर्जी दी गयी। जिसपर अभियोजन पक्ष ने जमकर विरोध जताया। उभय पक्षों को सुनने के पश्चात रुद्रेश की अर्जी को निराधार मानते हुए जिला जज ने अर्जी खारिज कर दी आैर सभी आरोपियों के खिलाफ अपहरण व हत्या सहित अन्य धाराओं में आरोप तय किया गया। 

        मालूम हो कि बीते 20 दिसम्बर की घटना बताते हुए गोसाईगंज थाना क्षेत्र के कटका खानपुर निवासी व्यवसायी राकेश कुमार अग्रहरि ने अपने बेटे दिव्यांश व श्रेयांश का अपहरण कर 50 लाख की फिरौती मांगने एवं उन पर हमला कर एक की हत्या कर देने के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया। इस मामले में पुलिस ने प्रकाश में आये आरोपीगण रघुवर दयाल, सूरज बहेलिया, शिवानंद शर्मा उर्फ हरिओम, रुद्रेश भरद्वाज व शिवपूजन राय को जेल भेजने की कार्यवाही की। मामले से जुड़े आरोपी हरिओम के किशोर प्रतीत होने के चलते उसकी पत्रावली किशोर न्यायालय के सुपुर्द कर दी गयी। शेष चारों आरोपियों से संबंधित पत्रावली बीते दो फरवरी को सीजेएम कोर्ट से जिला एवं सत्र न्यायाधीश के सुपुर्द हुई। तब से मामले में चार्ज पर सुनवाई के लिए पत्रावली नियत रही, लेकिन आरोपियों की तरफ से अधिवक्ता नियुक्त न होने के चलते कार्यवाही बाधित चलती रही।

मामले में रुद्रेश की तरफ से अधिवक्ता काशी प्रसाद शुक्ल,सूरज की तरफ से अरविंद सिंह राजा,रघुवर यादव की तरफ से विजय बहादुर यादव एवं शिवपूजन की तरफ से न्याय मित्र पैरवी के लिए नियुक्त हुए हैं। इस मामले में आरोपी रुद्रेश भरद्वाज की तरफ से अपने पर लगी कुछ धाराओं पर सवाल उठाते हुए उन धाराओं से उन्मोचित किये जाने की अर्जी दी गयी। जिस पर सुनवाई के दौरान रुद्रेश के अधिवक्ता एवं अभियोजन पक्ष से जिला शासकीय अधिवक्ता तारकेश्वर सिंह व वादी के निजी अधिवक्ता रणजीत सिंह ने उन्मोचन अर्जी को निराधार बताते हुए खारिज किये जाने की मांग की। उभय पक्षों को सुनने के पश्चात जिला न्यायाधीश उमेशचंद्र शर्मा ने रुद्रेश की अर्जी को जायज न मानते हुए खारिज कर दिया। जिसके उपरांत सभी आरोपियों के खिलाफ अपहरण व हत्या सहित अन्य धाराओं में बुधवार को आरोप तय हुआ। साक्ष्य पर सुनवाई के लिए आगामी 16 मार्च की तिथि तय की गयी है। मासूम बच्चों के साथ हुए इस अपराध के विषय मे जब भी चर्चा होती है तो वह भयावह स्थिती सोचकर लोगो के रोंगटे खड़े हो जाते है और लोगो की आंखों में आँसू भी आ जाते है। तब बस लोगो के मन मे यही बात उठती है कि ऐसे घृणित एवं गम्भीर अपराध को अंजाम देने वालो को जल्द से जल्द फांसी हो। लेकिन विचारण की प्रक्रिया गुजरे एवं बगैर निर्णय आये यह सम्भव नहीं है। फिलहाल अदालत भी इन बातों पर गौर करते हुए इस विरलतम अपराध में सुनवाई को लेकर कोई नरमी बरतने के मूड में नही दिख रही है।मामले में वादी के साक्ष्य के लिए आगामी 16 मार्च की तिथि नियत की गई है...!

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