सुल्तानपुर की टॉप खबरे

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  • तमंचे से फायर कर हमले के आरोपी की जमानत खारिज
  • जानलेवा हमलारोपियों को मिली राहत

सुलतानपुर

तमंचे से फायर कर एवं धारदार हथियार से हमला कर हुए हत्या के प्रयास मामलों में आरोपियों की तरफ से जमानत अर्जी प्रस्तुत की गयी। जिस पर सुनवाई के पश्चात तीन आरोपियों को प्रभारी जिला न्यायाधीश आरपी सिंह ने राहत दी है,वहीं अदालत ने दूसरे मामले के आरोपी की जमानत खारिज कर दी।

पहला मामला गौरीगंज थाना क्षेत्र के पूरे छेदीराम छीटेपुर गांव से जुड़ा है। जहां के रहने वाले रामबख्श उसके पुत्र हरिश्चंद्र व सहआरोपी संदीप के खिलाफ पुराने मुकदमेबाजी की रंजिश को लेकर धारदार हथियार से वृद्ध पर हमले का आरोप है। इसी मामले में तीनों आरोपियों की तरफ से प्रस्तुत जमानत अर्जी पर सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के अधिवक्ता रविवंश सिंह ने आरोपों को निराधार बताया,वहीं अभियोजन पक्ष ने जमानत पर विरोध जाहिर किया। उभय पक्षों को सुनने के पश्चात प्रभारी जिला न्यायाधीश आरपी सिंह ने आरोपियों को राहत दी है।

 दूसरा मामला अमेठी थाना क्षेत्र के रामपुर फुलवारी से जुड़ा है। जहां के रहने वाले जाहिद खां समेत अन्य के खिलाफ तमंचे से फायर कर अभियोगी को जान से मारने के प्रयास का आरोप है। इस मामले में आरोपी जाहिद खां की तरफ से प्रस्तुत अंतरिम जमानत अर्जी को प्रभारी जिला न्यायाधीश ने खारिज कर दिया। मूल जमानत पर सुनवाई के लिए आगामी 17 अप्रैल की तिथि तय की गयी है। 

 

बल्बा व हत्या के प्रयास में आरोपियों ने किया आत्मसमर्पण

सुलतानपुर

 बल्बा एवं हत्या प्रयास मामले में दो आरोपियों ने सोमवार को सीजेएम कोर्ट में आत्म समर्पण किया। दोनों आरोपियों की रिमांड स्वीकृत कर सीजेएम आशारानी सिंह ने उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश दिया है। मामला कोतवाली नगर क्षेत्र के अलीगढ़ अमहट इलाके से जुड़ा है। जहां पर हुए बल्बा व हमले के मामले में अली बाकर उर्फ मशफूर निवासी तुराबखानी,इमाम हैदर निवासी अलीगढ़ अमहट,बबर अब्बास, हसन असकरी,मो. फौनेन,अली अब्बास वांछित चल रहे थे। जिनकी तरफ से कोर्ट में सरेंडर अर्जी भी पड़ी थी। सोमवार को मामले के आरोपी अलीबाकर व इमाम हैदर ने सरेंडर किया। जिनकी रिमांड स्वीकृत कर अदालत ने न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश दिया है। 

 

दहेज हत्यारोपी मां-बेटे साक्ष्य के अभाव में बरी

सुलतानपुर

 दहेज हत्या के मामले में अभियोजन पक्ष सटीक साक्ष्य पेश करने में असफल रहा। नतीजतन एफटीसी द्वितीय अमित कुमार प्रजापति की अदालत ने आरोपी मां-बेटे को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त करार दिया है।

 मामला बाजारशुकुल थाना क्षेत्र के पूरे सारी मजरे महोना पश्चिम गांव से जुड़ा है। जहां के रहने वाले कलामुद्दीन व उसकी मां राबिया बानो के खिलाफ अभियोगी फिरोज हुसैन ने 24 फरवरी 2015 को अपनी बहन परवीन की दहेज की मांग न पूरी होने के चलते हत्या कर देने के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया। मामले का विचारण एफटीसी द्वितीय की अदालत में चला। इस दौरान अभियोजन पक्ष ने अपने साक्ष्यों एवं गवाहों को पेश किया,वहीं बचाव पक्ष के अधिवक्ता अरविंद सिंह राजा ने अपने साक्ष्यों एवं तर्कों को प्रस्तुत कर मां-बेटे को बेकसूर बताया। अभियोजन पक्ष घटना को साबित कर पाने में असफल रहा। एफटीसी द्वितीय की अदालत ने साक्ष्य के अभाव में दोनों आरोपियों को बरी कर दिया है। 

 

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