बधूपुर समेत आस-पास के गांव में छुट्टा मवेशियों से परेशान किसान

बधूपुर समेत आस-पास के गांव में छुट्टा मवेशियों से परेशान किसान
  • करीब 30 से 35 की संख्या में छुट्टा घूम रहे मवेशी किसानों की फसल का कर रहे नुकसान।
  • गोवंश आश्रय केंद्र से महज एक किलोमीटर के पास छुट्टा घूम रहे मवेशी।

लम्भुआ/सुल्तानपुर:-

प्रदेश सरकार द्वारा पूरे प्रदेश की सभी तहसीलों में गोवंश आश्रय केंद्र का निर्माण किया गया है ।जिसमें छुट्टा मवेशियों को रखा जाता है लेकिन सरकार की इस तरह की लाख कोशिशों के बाद भी किसानों की मंशा पर पानी फिर रहा है। कई जगह अभी भी छुट्टा मवेशी किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। शिकायत के बाद भी जिन पर कार्यवाही नहीं हो पा रही है। सरकार के नुमाइंदे ही सरकार के आदेशों का मजाक बना रहे हैं।

हम आपको बताते चलें लंभुआ तहसील अंतर्गत शेषनपुर गांव में गोवंश आश्रय केंद्र खोला गया है, जहां पर लगभग 65 गोवंश मौजूद हैं। बगल के गांव बधूपुर व अन्य आस-पास के गांव में छोटा मवेशियों का कहर जारी है। करीब 30 से 35 की संख्या में मवेशी किसानों की फसल को चर ले रहे हैं।

किसान इसको लेकर काफी परेशान भी हैं। किसानों का कहना है कि जब हम मवेशियों को लेकर पशु आश्रय केंद्र में जाते हैं तो वहां पर लेने से इंकार कर दिया जाता है। तो आखिर ये आवारा पशु कहां जाएं यह तो फसल का नुकसान करेंगे ही। वही रात को बारिश होने के बाद आवारा पशु मधुपुर बाजार मैं दुकानों के कमरों के सामने गोबर कर गंदगी फैलाते हैं जिससे दुकानदार भी परेशान हैं। किसानों की धान की फसल अरहर की फसल  एवं चरी की फसलों को आवारा पशु चर ले रहे हैं। जिससे किसानों में काफी रोष भी है। किंतु अब आखिर बेचारे की शाम करें तो क्या करें? जिम्मेदार मौन है ।किसान परेशान हैं।

एक तरफ योगी सरकार बड़े-बड़े दावे करती है अधिकारियों को आदेश देती है कि सड़क पर या क्षेत्र में कहीं भी आवारा पशु नहीं मिलने चाहिए। जो भी आवारा पशु हैं उन्हें गोवंश आश्रय केंद्र में पहुंचाएं। लेकिन माननीय मुख्यमंत्री का आदेश उनके अधिकारियों के लिए हवा-हवाई है। लंभुआ तहसील क्षेत्र के मधुपुर गांव में इकट्ठा 30 से 35 की संख्या में छुट्टा मवेशी योगी जी के आदेशों एवं कर्मचारियों की कार्यशैली पर मुंह चिढ़ा रहे हैं।आखिर परेशान किसान कहां जाएं और किस से अपना दुखड़ा कहें ? जब सरकार के नुमाइंदे ही सरकार की नहीं सुन रहे तो वह आम जनता की क्या सुनेंगे?

1 नीरज सिंह
छुट्टा जानवरों के आतंक से पूरे गांव के लोग परेशान हैं जो खड़ी फसलों को चर ले रहे हैं। यदि उन्हें गोवंश आश्रय केंद्र पर ले जाया जाता है तो संबंधित लोग पशुओं को अंदर रखने से मना कर देते हैं।

 

2 कल्लू
पशु सारी फसल को चर ले रहे हैं। इसी तरह चलता रहा तो किसान खाने के लिए तरस जायेंगे। प्रशासन को चाहिए कि छुट्टा मवेशियों को गोवंश आश्रय केंद्र में डलवाए।
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