सुलतानपुर  की बड़ी खबरे

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मी-टू में फंसे पूर्व कोतवाल के खिलाफ चार्जशीट दाखिल,तलब

सुलतानपुर 

मी-टू में फंसे पूर्व कोतवाल नन्द कुमार तिवारी के खिलाफ चल रही तफ्तीश पूरी कर क्षेत्राधिकारी नगर ने सीजेएम कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी। विवेचक ने अश्लील मैसेज पोस्ट करने एवं आईटी एक्ट समेत अन्य आरोपों की पुष्टि करते हुए अपनी रिपोर्ट दाखिल की है। सीजेएम हरीश कुमार ने चार्जशीट पर संज्ञान लेते हुए पूर्व कोतवाल के खिलाफ सम्मन जारी कर आगामी तीन अक्टूबर के लिए तलब किया है। 

मामला कोतवाली नगर में तैनात रह चुके पूर्व कोतवाल नन्द कुमार तिवारी से जुड़ा है। जिनके खिलाफ दुष्कर्म पीड़िता ने गम्भीर आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया। पीड़िता के मुताबिक उसने अपने साथ हुए धोखा-धड़ी एवं दुष्कर्म के आरोप में कुड़वार थाने में मुकदमा दर्ज कराया था।

उस दौरान कुड़वार में थानाध्यक्ष पद पर तैनात रहे नन्द कुमार तिवारी ने पीड़िता को आरोपी के खिलाफ बड़ी कार्यवाही का भरोसा दिलाते हुए अपनी पहचान बना ली। अपनी तैनाती कुड़वार थाने में रहने तक नंन्द कुमार तिवारी ने आरोपी के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की। इसी के बाद नन्द कुमार का कोतवाली नगर में ट्रांसफर हो गया। नगर कोतवाल बनने के बाद भी वह कुड़वार थाने में दर्ज मुकदमें में आरोपी के खिलाफ कार्यवाही का झूठा आश्वासन देते हुए पीड़िता के सम्पर्क में बने रहे। इसी सम्पर्क का नाजयाज फायदा उठाते हुए अश्लील मैसेज पोस्ट किये। मामला उच्चाधिकारियों तक पहुंचा तो उन्हें बीते दो नवम्बर को सस्पेंड कर दिया गया।

पूर्व कोतवाल के खिलाफ एसपी सिटी को जांच भी सौंपी गयी। एसपी सिटी मीनाक्षी कात्यायन ने अपनी जांच में आरोपों की पुष्टि भी की। इसी के बाद नन्द कुमार तिवारी के खिलाफ भादवि की धारा 354 घ के अन्तर्गत मुकदमा दर्ज किया गया। प्रकरण की जांच उपनिरीक्षक सतीश सिंह को मिली। कई महीनों तक तफ्तीश ठंडे बस्ते में रही। मामला अपने विभाग के उच्च पद पर बैठे अधिकारी से जुड़ा होने के चलते दरोगा सतीश सिंह ने मामले को लटकाये रखा और पूर्व कोतवाल की मदद करते रहे। पूर्व कोतवाल सम्बंधी विवेचना उपनिरीक्षक को दिये जाने पर पीड़ित पक्ष ने प्रकरण की जांच उनसे उच्च अधिकारी को दिये जाने की मांग करते हुए अधिकारियों से शिकायत की।

हाई प्रोफाइल मामले की तफ्तीश में लापरवाही बरतने पर एसपी ने उपनिरीक्षक सतीश सिंह पर कार्यवाही भी की और प्रकरण की जांच सीओ नगर श्यामदेव के सुपुर्द कर दी। विवेचना में ढिलाई बरतने पर पूर्व विवेचक के खिलाफ उच्चाधिकारियों का कड़ा रुख देखने के बाद हरकत में आये सीओ नगर ने शीघ्र ही पीड़िता का कोर्ट में बयान दर्ज कराया और जल्द ही तफ्तीश पूरी कर पूर्व कोतवाल के खिलाफ भादवि की धारा 354 घ के अलावा 67 आईटी एक्ट की धारा बढोत्तरी कर आरोप पत्र दाखिल किया है। सीजेएम हरीश कुमार ने विवेचक की चार्जशीट पर संज्ञान लेते हुए पूर्व कोतवाल नन्द कुमार तिवारी के खिलाफ सम्मन जारी करने का आदेश दिया। मामले में सुनवाई के लिए आगामी तीन अक्टूबर की तिथि तय की गई है। चार्जशीट दाखिल होने के बाद कोर्ट के जरिये जारी हुई कार्यवाही से पूर्व कोतवाल की मुश्किलें बढ़ गई है।

 

सपा एमएलसी व जिलाध्यक्ष समेत तीन ने स्पेशल कोर्ट में किया सरेंडर,रिहा

सुलतानपुर डेरा डालो-घेरा डालो आंदोलन के दौरान सरकारी काम में बाधा डालने समेत अन्य आरोपों से जुड़े मामले में गैर जमानतीय वारंट पर चल रहे सपा एमएलसी व जिलाध्यक्ष समेत तीन आरोपियों ने स्पेशल जज एमपी-एमएलए की कोर्ट में सरेंडर किया। स्पेशल जज प्रशांत मिश्र ने तीनों आरोपियों को राहत देते हुए उन्हें सशर्त रिहा करने का आदेश दिया। 

मामला कोतवाली नगर क्षेत्र के तिकोनिया पार्क से जुड़ा है। जहां पर 23 अक्टूबर 2008 को बसपा शासनकाल में सपा पार्टी ने डेरा डालो-घेरा डालो आंदोलन छेड़ा था। आंदोलन के दौरान सपा एमएलसी शैलेन्द्र प्रताप सिंह, सपा जिलाध्यक्ष रघुवीर यादव, पूर्व विधायक अरूण वर्मा समेत 98 पार्टी समर्थको के खिलाफ सरकारी काम में बाधा डालने व गाली-गलौज देने समेत अन्य आरोप लगाते हुए उपनिरीक्षक कमलेशचन्द्र त्रिपाठी ने मुकदमा दर्ज कराया। इसी मामले में जमानत कराने के बाद गैर हाजिर चल रहे एमएलसी शैलेन्द्र प्रताप सिंह, जिलाध्यक्ष रघुवीर यादव व सपा समर्थक श्रवण यादव के खिलाफ स्पेशल जज एमपी-एमएलए की अदालत से गैर जमानतीय वारंट चल रहा था। जिसे निरस्त करने की मांग को लेकर तीनों आरोपियों ने स्पेशल कोर्ट में आत्मसमर्पण कर अर्जी प्रस्तुत की। स्पेशल जज प्रशांत मिश्र ने एमएलसी समेत तीनों आरोपियों की अर्जी स्वीकार करते हुए उन्हें व्यक्तिगत बंध पत्र एवं अंडरटेकिंग दाखिल करने पर सशर्त रिहा करने का आदेश दिया। इस दौरान एमएलसी समेत तीनों सपाई घंटो कोर्ट कस्टडी में रहें।     

 

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