हमने तो तुम्हें सारा जहां देने की कसम खाई थी....

हमने तो तुम्हें सारा जहां देने की कसम खाई थी....

हमने तो तुम्हें सारा जहां देने की कसम खाई थी....
और तुमसे हमारी एक खुशी का भी ख्याल ना रखा गया।।
कहते हैं, बड़ी तहजीब वाले हैं तेरे शहर वाले,

और उनसे भी  हमारा एक जख्म संभाला ना गया।
बाकी उम्मीद टिकी थी उस मयखाने पर और उससे भी हमारा एक जाम  उठाया ना गया।

मुकम्मल चांद से गुजारिश की तो उसको भी तेरी तारीफ गवांरा ना गया।


 तेरी मोहब्बत में यह हाल कर दिया अब तो,
जो सिकंदर था कभी उसको अब जमाने से पहचाना ना गया।।।

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